Committee formed for NTA : शिक्षा मंत्रालय ने किया 7 सदस्यीय समिति का गठन,NTA को देगी सुझाव

Committee formed for NTA :  राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के कामकाज में सुझाव देने लिए शिक्षा मंत्रालय ने 7 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन कर दिया. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कमिटी के बारे में घोषणा की. इस हाई लेवल कमिटि में मंत्रालय ने जाने माने शिक्षाविद, टेक्नोक्रेट  शामिल हैं

Committee formed for NTA: लगातार आलोचनाओं के शिक्षा मंत्री की पहल  

आपको बता दें कि NEET UG और UGC NET परीक्षा में देशभर के कुल मिलाकर करीब 30 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे.जिसमें गड़बड़ी की आशंका के बाद से लगातार NTA आलोचनाओं के घेरे में है. NTA की कार्यप्रणाली को लेकर लगतार सवाल उठ रहे थे. इसकी कार्यप्रणाली मे कैसे सुधार किया जाये, इसकी सलाह के लिए शिक्षा मंत्रालय ने 7 सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है.

इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के माध्यम से होने वाली परीक्षाओं को सुचारू, पारदर्शी और इसकी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इसरो (ISRO) के पूर्व चेयरमैन के.राधाकृष्णन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय कमिटी बनाई गई है. डॉ. के राधाकृष्णन आईआईटी कानपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष हैं.

NTA पैनल में आईआईटी दिल्ली में छात्र मामलों के डीन आदित्य मित्तल, दिल्ली एम्स के पूर्व निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया, आईआईटी मद्रास के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व प्रोफेसर राममूर्ति के. और हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति बी.जे राव शामिल हैं

शिक्षा मंत्रालय के उच्चशिक्षा विभाग की तरफ से कहा गया है कि ये 7 सदस्यीय समिति परीक्षा प्रक्रिया के तंत्र में सुधार करने ,  डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार एवं एनटीए की कार्यप्रणाली और संरचना को लेकर सुझाव देगी. ये उच्च स्तरीय समिति अगले 2 महीने में अपनी रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को सौंपेगी.

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