ममता बनर्जी के कालीघाट ऑफिस पहुंची CID टीम,अभिषेक बनर्जी को मिला तीसरा नोटिस

Mamata Banerjee CID notice :पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के साथ ही ममता बैनर्जी की मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है.मंगलवार को उस समय हलचल मच गई जब कोलकाता स्थित कालीघाट कार्यालय में CID की टीम पहुंची. बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को नोटिस देने के लिए वहां पहुंची थी. कालीघाट स्थित इस कार्यालय में टीएमसी का पार्टी कार्यालय भी संचालित होता है.

यह कार्रवाई विधानसभा में विपक्ष के लिए आरक्षित महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों से जुड़े प्रस्ताव में कुछ टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों में कथित गड़बड़ी और असंगति की जांच के सिलसिले में की जा रही है.

Mamata Banerjee CID notice:अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस

CID ने 8 जून को अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस जारी करते हुए 9 जून की शाम 5 बजे तक दक्षिण कोलकाता स्थित CID मुख्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा था.

इससे पहले 30 मई को जारी पहले नोटिस में उन्हें 1 जून को पेश होने के लिए कहा गया था. हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने स्वास्थ्य कारणों और हालिया हमले में लगी चोटों का हवाला देते हुए 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा था.

इसके बाद एजेंसी ने दूसरा नोटिस जारी किया, लेकिन उन्होंने एक बार फिर पत्र लिखकर पूछताछ के लिए और समय की मांग कर दी. अब तीसरे नोटिस के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार

इसी बीच टीएमसी के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता को जबरन वसूली और आपराधिक धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्हें मंगलवार तड़के उत्तर 24 परगना जिले से हिरासत में लिया गया.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि दत्ता ने वर्ष 2018 में उससे एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम की मांग की थी और दबाव बनाने की कोशिश की थी. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

निकाय भर्ती घोटाले से भी जुड़ रहा दबाव

सब्यसाची दत्ता की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब बिधाननगर के पूर्व विधायक और राज्य सरकार में मंत्री रह चुके सुजीत बोस को निकाय भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही गिरफ्तार कर चुका है.

इन घटनाओं ने राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है और विपक्ष को सरकार पर हमले का नया मौका मिल गया है.

मंत्री का बड़ा बयान

राज्य के मंत्री शरदवत मुखर्जी ने इन गिरफ्तारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “भ्रष्टाचार और अहंकार में डूबे लोग एक के बाद एक गिरफ्तार किए जा रहे हैं.”

उनके इस बयान के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है.एक तरफ अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामले में CID की जांच आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी के पूर्व नेताओं की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है. आने वाले दिनों में इन मामलों की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर पूरे राज्य की नजर रहेगी.

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