Baluch Leader Letter To S Jaishankar : बलूचिस्तान के एक नेता ने भारत सरकार के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने भारत को आगाह किया है कि चीन जल्द ही बलूचिस्तान में अपने सैनिक तैनात कर सकता है और अगर ऐसा होता है तो ये ना केवल बलूचिस्तान की जनता के खिलाफ होगा बल्कि भारत के लिए भी एक गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.
#Quetta | Baloch leader Mir Yar Baloch has claimed that China could deploy its military forces in Pakistan’s Balochistan region within the next few months, warning that the deepening China-Pakistan alliance poses a serious threat.https://t.co/eexxi8exaB#Pakistan
— Deccan Chronicle (@DeccanChronicle) January 2, 2026
Baluch Leader Letter To S Jaishankar:चीन कभी भी इस क्षेत्र में उतार सकता है अपने सैनिक
बलूच नेता मीर यार बलूच ने 1 जनवरी को विदेश मंत्री एस जयशंकर को ये पत्र लिखा है जिसमें खुद को बलूचिस्तान का एक प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि ‘अगर बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सैनिकों को ऐसे ही नजरअंदाज किया जाता रहा तो इस क्षेत्र में चीन अपने सैनिक तैनात कर सकता है. उन्होंने भारत को आगाह करते हुए लिखा है कि अगर इस क्षेत्र में ऐसा कोई कदम उठाया जाता है तो ये भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए खतरनाक है.
बलूचिस्तान को मदद नहीं मिली तो…
मीर यार बलूच ने पत्र में लिखा है कि अगर बलूचिस्तान की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ रही सेनाओं को आधुनिक क्षमताओं के अनुरुप मजबूत नहीं किया गया या अनदेखा किया गया तो ये संभव है कि चीन आने वाले कुछ महीनों में उनके देश (बलूचिस्तान) में अपनी सैन्य टुकड़ियां तैनात कर दे.
मीर यार बलूच ने लिखा है कि अगर ऐसा हुआ तो छह करोड़ बलूच लोगों की इच्छा के खिलाफ बलूचिस्तान की जमीन पर चीनी सैनिकों की मौजूदगी उनके और भारत ,दोनों के भविष्य के लिए एक अकल्पनीय खतरा और चुनौती बन जायेगा.
चीन पाकिस्तान के बीच आर्थिक गठजोड़ खतरनाक
बलूच नेता ने पाकिस्तान और चीन के बीच बन रहे आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अब ये रणनीतिक गठजोड़ अंतिम चरण में पहुंच चुका है जिसके कारण हालात और अधिक खतरनाक हो गए हैं. मीर यार ने पत्र में लिखा है कि समय की जरुरत के समझते हुए भारत और बलूचिस्तान के बीच ठोस और पारस्परिक सहयोग होना चाहिये, ताकि दोनों देशो को खतरों का सामना ना करना पड़े .
हिंगलाज माता मंदिर की दिलाई याद
बलूच नेता ने अपने पत्र में लिखा कि भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संबंध हैं. बलूचिस्तान में हिंगलाज माता मंदिर जैसे पवित्र स्थल हैं, जो सांझी विरासत का प्रतीक हैं.
आपरेशन सिंदूर की सराहना
मीर यार बलूच ने आपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने असाधाराण साहस का काम किया है. भारत ने इस अभियान के तहत पाकिस्तान के द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के ठिकानों को निशाना बनाया. भारत का ये कदम पहलगाम आतंकी हमले के बाद क्षेत्र की सुरक्षा और स्वाभाविक न्याय के प्रति असाधारण साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता का उदाहरण है. अपने पत्र में उन्होंने भारत और बलूचिस्तान जैसे दो महान राष्ट्रों के बीच अधिक और मजबूत सहयोग की उम्मीद जताई.

