Triple Riding Compensation Rules बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना के दावों (Road Accident Claims) से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी मोटरसाइकिल पर तीन लोग सवार हैं (ट्रिपल राइडिंग) और उनका एक्सीडेंट हो जाता है, तो सिर्फ इस आधार पर पीड़ित या उसके परिजनों को मिलने वाले मुआवजे की राशि में स्वतः (Automatically) कटौती नहीं की जा सकती.
Triple Riding Compensation Rules:अधिनियम का उल्लंघन है, लेकिन हादसे की सीधी वजह नहीं
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि बाइक पर तीन लोगों का बैठना निश्चित रूप से मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) का उल्लंघन है. इसके लिए चालान या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन केवल इसी एक वजह से यह मान लेना गलत होगा कि दुर्घटना के लिए पीड़ित भी समान रूप से जिम्मेदार था.
दावा अधिकरण (MACT) को हाईकोर्ट के निर्देश
माननीय हाईकोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा कि मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) को प्रत्येक मामले के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का स्वतंत्र रूप से मूल्यांकन करना चाहिए. कोर्ट ने साफ किया कि मुआवजे में कटौती केवल तभी की जा सकती है, जब यह पूरी तरह साबित हो जाए कि ट्रिपल राइडिंग का उस दुर्घटना से सीधा संबंध था और उसी की वजह से हादसा हुआ.
पीड़ितों के हक में बड़ा फैसला
कानूनी जानकारों के मुताबिक, हाईकोर्ट के इस फैसले को सड़क दुर्घटना पीड़ितों और उनके आश्रितों के अधिकारों की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस फैसले से भविष्य में दुर्घटना दावों से जुड़े कई मामलों में पीड़ितों को राहत मिलेगी और अदालतों के लिए एक नई कानूनी दिशा तय होगी.

