Patna NEET Student Death Case : पटना में बीते महीने NEET परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब सीबीआई ने अपने हाथों में लिया है. बिहार सरकार के अनुरोध के 12 दिन बाद सीबीआई ने इस घटना को लेकर FIR दर्ज किया है. सीबीआई ने अपनी एफआईआर में (केस नंबर 7S/26) में कई अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. सीबीआई के एक्शन में आने के बाद इस मामले के पीडितों में न्याय की उम्मीद जगी है.
Patna NEET Student Death Case:सम्राट चौधरी ने एक्स पर दी थी जानकारी
पटना में इस मामले को लेकर लगातार राज्य की कानून व्यवस्था और सरकार की मंशा पर सवाल उठाये जा रहे हैं.राज्य सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से इस घटना का जांच करने की सिफारिश की थी. बिहार सरकार ने 31 जनवरी को सीबीआई जांच की अनुशंसा की थी और अब 12 दिन बाद सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया है.उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार के द्वारा जांच की अनुशंसा की जानकारी अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी.
बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी ने भारत सरकार से पटना में हुए NEET छात्रा की हत्या के मामले (कांड संख्या- 14/26) को CBI से जांच का आग्रह किया है। घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन निश्चित किया जाए।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) January 31, 2026
संदेह के घेरे में क्यों हैं प्रशासन और पुलिस ?
घटना 6 जनवरी को राजधानी पटना के एक निजी छात्रावास शंभू हॉस्टल में हुई,जहां नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा हॉस्टल की मंजिल से नीचे गिरी और बेहोश पाई गई. छात्रा को अस्पताल ले जाया गया जहां 11 जनवरी को पीएमसीएच अस्पताल में उसकी मौत हो गई. घटना के तत्काल बाद इसे पुलिस ने बिना किसा छानबीन के आत्महत्या का मामला करार दे दिया जबकि परिजनों ने आरोप लगाया कि लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया था जिसके कारण वो बेहोश हो गई थी. बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि हुई कि छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया था. उसके शरीर और निजी अंगो पर गहरे चोट के निशान पाये गये थे. इसके बावजूद पुलिस लगातार मामले की जांच में कोताही बरतती रही.
रसूखदारों से हैं हॉस्टल मालिक के संबंध
दरअसल इस मामले को लेकर एक अहम जानकारी ये भी सामने आई कि इस छात्रावास का मालिक मनीष रंजन पूर्व में कई राजनेताओं का ड्राइवर रह चुका था और आज भी उसके संबंध राजनेताओं के साथ हैं. ड्राइवर की नौकरी करने वाला मनीष रंजन केवल 5 साल में करोड़पति बन गया. मनीष रंजन पर सेक्स रैकेट चलाने, लापरवाही और मामले में संलिप्तता के आरोप भी लगे हैं.
घटना के बाद राज्य में बावाल मच गया
घटना के बाद पीडिता के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसके साथ दुष्कर्म की घटना का अंजाम दिया गया था और पुलिस उसे बचाने की कोशिश में लगी थी. लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने इस मामले में छात्रावास के मालिक मनीष रंजन और कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया.
एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं है परिवार
परिजनों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद आखिरकार नीतीश सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया लेकिन परिजनों का आरोप है कि एसआईटी ठीक तरह से अपना काम नहीं कर रही है . यहां तक कि जो डीएनए सेंपल लिये गये इसका भी कुछ नतीजा नहीं निकला. मृतक छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि एसआईटी के द्वारा उनपर केस वापस लेने के लिए दबाव भा बनाया जा रहा है.
राजनीतिक पार्टियों ने सरकार को घेरा
बिहार सरकार ने एसआईटी बनाकर मामले की जांच शुरु तो की लेकिन जांच की रफ्तार और दिशा इस मामले को कहीं लेकर जाती दिखाई नहीं दे रही है. ऐसे में राजद ने सरकार पर हमला बोला. राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि संभवतह इस मामले में कोई मंत्री या उसका बेटा शामिल है.इस पर गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ऐसा हुआ तो चाहे कोई भी हो,उसे 24 घंटे में गिरफ्तार किया जायेगा. पटना में इसी मामले को लेकर पूर्णियां सांसद पप्पू यादव ने भी विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है.

