BMC Election Result : महाराष्ट्र और बीएमसी के चुनाव में बीजेपी शिवसेना की युति ने बंपर जीत हासिल की है. बीएमसी के 227 वार्डों में हुए चुनाव मे अकेले बीजेपी को 89सीटें मिली है, वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना को केवल 65 और मनसे (MNS) को 6 सीटें मिली है.
मुंबई महानगर में जहां दशकों से बाला साहब और अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना का राज था , वहीं 2026 के चुनाव में ये सत्ता खिसक कर बीजेपी के हाथ में आ गई है. शिवसेना (यूबीटी) ने इस हार का ठीकरा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर फोड़ा है. शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के लिए ‘जयचंद’ ना बनते तो आज मुंबई में बीएमसी का रिजल्ट कुछ और होता. जयचंद यानी गद्दार के कारण ही आज मुंबई पर किसी मराठी की जगह पर बीजेपी का मेयर बनने जा रहा है.
संजय राउत के जयचंद वाले बयान पर अब बीजेपी नेता निशिकांत दूबे ने प्रतिक्रिया दी है. निशिकांत दूबे ने कहा कि संजय राउत खुद ‘नारद मुनी और मंथरा का मिला जुला रुप हैं.’
दरअसल बयानों का ये सिलसिला बीएमसी चुनाव के रिजल्ट के बाद आया है. ठाकरे परिवार का गढ़ मुंबई में BMC चुनाव में इस बार बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली है.भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी को जहां 89 वहीं शिंदे सेना को 28 सीटें मिली है. दोनों को मिलाकर 118 सीटे मिली हैं जो बीएमसी में बहुमत के आंकड़े से 4 ज्यादा हैं.
BMC Election Result :’अगर जयचंद नहीं बनते तो…’
बीएमसी में बीजेपी की जीत से तिलमिलाये शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इस हार के लिए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और महायुति के सहयोगी एकनाथ शिंदे पर निशाना साधा है. उन्होने कहा कि ‘अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना का जयचंद नहीं बनते तो मुंबई में बीजेपी का मेयर कभी नहीं बनता!’ राउत ने कहा कि मराठी जनता एकनाथ शिंदे को हमेशा एक जयचंद के तौर पर याद रखेगी. राउत ने ये बात सोशल मीडिया एक्स पर लिखी , जिसे उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम शिंदे को भी टैग किया .
हमारी पार्टी में कुछ ‘जयचंद’ थे, यदि वे ‘जयचंद’ नहीं पैदा होते तो भाजपा की 100 पीढ़ी भी मेयर नहीं बना पाती… विपक्ष के पास एक ऐसा आंकड़ा है कि हम कभी भी तख्तापलट कर सकते हैं लेकिन हम लोकतंत्र का सम्मान करते हैं
– संजय राऊत pic.twitter.com/7SFgsvyIsg
— Lutyens Media (@LutyensMediaIN) January 17, 2026
संजय राउत के बयान पर क्या बोले निशिकांत दूबे ?
शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत के इसी जयचंद वाले बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा के नेता निशिकांत दूबे ने भी एक्स पर एक पोस्ट कर दिया जिसमें लिखा कि ‘ नारद मुनि तथा मंथरा का मिला जुला रूप ही संजय राउत हैं.’
नारद मुनि तथा मंथरा का मिला जुला रुप ही संजय राउत हैं https://t.co/A7uibKI1sT
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) January 16, 2026
संजय राउत ने शिंदे को जयचंद क्यों कहा ?
मामला 2022 का है जब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के सबसे वफादार मान जाने वाले नेताओं में एक एकनाथ शिंदे ने पार्टी से बगावत कर दिया और बालासाबह ठाकरे की पार्टी शिवसेना पर अपना हक जमा दिया. शिंदे ने कहा कि शिवसेना के ज्यादातर कार्यकर्ता उनकी तरफ हैं, इसलिए शिवसेना के असली नेता वहीं हैं. एकनाथ शिंदे ने बगावत करके भाजपा का दमन पकड़ लिया और भाजपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र का चुनाव लड़ा , फिर राज्य के मुख्यमंत्री भी बन गये. उस समय शिवसेना के नेता उद्धव ठाकरे ने इसे गद्दारी करार दिया और अब जयचंद का जिक्र ऐतिहासिक संदर्भ में किया जाता है, जहां उन्हें पृथ्वीराज चौहान के खिलाफ मोहम्मद गोरी से हाथ मिलाने वाले गद्दार के रूप में याद किया जाता है.
बीएमसी चुनाव मे किसे मिली कितनी सीटें
बीएमसी में कुल 227 वार्डों में चुनाव हुई, जिसमें महायुति में शामिल बीजेपी को 89 और शिवसेना (शिंदे गुट) को 28 सीटें मिली हैं. वहीं उद्धव ठाकरे की शिवसेना(UBT) को 65, राज ठाकरे की एमएनएस को 6 सीटें मिली है. वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 , AIMIM को 8, एनसीपी को 3 , समाजवादी पार्टी को 2 और एनसीपी (एसपी) -को केवल एक सीट से संतोष करना पड़ा. शुक्रवार को देर रात बीएमंसी के सभी 227 वार्डों को रिजल्ट घोषित कर दिये गया.

