BJP Kailash Ghalot : दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार में बड़े बड़े कई मंत्रालय संभाल चुके और पार्टी में शीर्ष स्थान रखने वाले नेता रहे कैलाश गहलौत ने रविवार को कुछ ऐसे खुलासे किये जो आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं.खासकर आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसे बयान जनता के बीच एक नरेटिव बना सकते हैं.
“The senior leadership of the AAP and National Convenor would surely have knowledge about it..”: BJP leader #KailashGahlot on the arrest of AAP MLA Naresh Balyan.#AAP #BJP #NareshBalyan #DelhI #TheStatesman pic.twitter.com/2GxCFUO4Qu
— The Statesman (@TheStatesmanLtd) December 1, 2024
BJP Kailash Ghalot – ‘नरेश बलियान के बारे में केजरीवाल के सब पता था’
दरअसल कैलाश गहलौत का कहना है कि ऑडियो क्लीप मामले में गिरफ्तार नरेश बलियान के बारे में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व अरविंद केजरीवाल को पहले से सब कुछ पता था.पिछले एक साल से भ्रष्टाचार संबंधित बातें सामने आ रही थी लेकिन अरविंद केजरीवाल ने कुछ नहीं किया.
गहलौत ने कहा कि आप राष्ट्रीय संयोजक होने के नाते उन्हें निश्चित रूप से ऑडियो क्लिप के बारे में पता होगा, क्योंकि वो जानते हैं कि उनके कार्यकर्ता और नेता क्या कर रहे हैं. आम आदमी पार्टी का जनाम ही भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से हुआ है . आम आदमी पार्टी से जुड़ने या किसी को टिकट देने की बात होती थी तो उम्मीदवारों को कुछ चीजों पर खरा उतरना होता था. उस व्यक्ति का चरित्र अच्छा होना चाहिए और उसका भ्रष्टाचार और अपराध के साथ कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए.
पार्टी को लेकर ऐसी चीजें ( आडियो क्लीप) पिछले एक साल से सुनने में आ रही थी, फिर शीर्ष नेतृत्व ने इस पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की. इससे आम आदमी पार्टी के कई नेता उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं.
दिल्ली में केजरीवाल पर हमला भी आप की साजिश ?
इतना ही नहीं गहलौत ने एक और दावा किया कि दिल्ली में यात्रा के दौरान शनिवार को अरविंद केजरीवाल पर जो हमला हुआ वो भी आम आदमी पार्टी की ही साजिश थी, ताकि जनता का ध्यान नरेश बलियान के मुद्दे से भटकाया जा सके.
हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं कैलाश गहलोत
दरअसल कैलाश गहलौत वो नेता है जिन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी का दामन छोड़ भाजपा का दामन थामा है. गहलौत दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के बड़े दावेदारों में से एक थे लेकिन अरविंद केजरीवाल ने उनकी वरिष्ठता को किनारा करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री बनाने के लिए आतिशी को चुना, जिसके कुछ दिन बाद ही गलहौत ने पार्टी छोड़ दिया और अब अरविंद केजरीवाल की लंका के राज खोलने के दावे कर रहे हैं.

