Tuesday, February 17, 2026

अब भारत तय करे कि शेख हसीना को वापस भेजते हैं या नहीं..अपने देशवासियों से बोली मो.यूनूस की सरकार

Sheikh Hasina India बांग्लादेश में नोबेल पुरस्कार विजेता मो.यूनूस की अंतरिम सरकार के विदेशमंत्री तौहीद हुसैन ने कहा है कि अगर बंग्लादेश की अदालत आदेश जारी करती है तो उनकी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत से वापस बंग्लादेश लाने की कोशिश करेंगी. हलांकि ये भारत पर निर्भर करेगा कि वो शेख हसीना को वापस भेजते हैं या नहीं.

Sheikh Hasina India : ‘भारत से शेख हसीना को वापस लाने का करेंगे प्रयास’

बंग्लादेश के मंत्री तौहीद हुसैन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ‘अगर देश की अदालतें मुझे (अंतरिम सरकार ) को शेख हसीना को वापस लाने की व्यवस्था करने के लिए कहती हैं, तो हम वो व्यवस्था करने की कोशिश करेंगे’. आपको बता दें कि बंग्लादेश में हसीना सरकार के खिलाफ हो रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट में दौरान 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.शेख हसीना का पार्टी के नेताओं पर हत्या और नरसंहार के सैकड़ों केस दर्ज हो चुके हैं.

बंगालदेश में शेख हसीना और उनकी पार्टी के खिलाफ 100 से अधिक केस दर्ज 

बंग्लादेश में शेख हसीना और उनकी पार्टी के खिलाफ मौजूदा अंतरिम सरकार ने 100 से भी ज्यादा केस कर रखे हैं.इस में हत्या और नरसंहार जैसे मामले शामिल हैं. बंग्लादेश की पीएम शेख हसीना अपने देश में स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच तख्ता पलट के बाद 5 अगस्त से भारत में शरण लिये हुए है. इस बीच बंग्लादेश की सरकार ने शेख हसीना समेत उनकी पार्टी अवामी लीग के महत्वपूर्ण नेताओं और उनकी सरकार में रहे कैबिनेट मंत्रियों के पासपोर्ट रद्द कर चुकी है.

बंग्लादेशी विदेश मंत्री के बयान पर भारत की प्रतिक्रिया  

इस खबर के भारत सरकार का कहना है कि बंग्लादेश की प्रधानमंत्री बहुत कम समय के नोटिस पर सुरक्षा कारणों से भारत आई हैं.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रत्यर्पण की बात को काल्पनिक बताते हुए इस पर टिप्पणी करने से फिलहाल इंकार किया है.

भारत-बांग्लादेश के बीच 2013 में हुआ प्रत्यर्पण संधि

विदेश मंत्री तौहीद हुसैन ने दोनों देशों के बीच हुए संधि के आधार पर कहा कि अब ये भारत पर निर्भर करेगा कि वो उन्हें (शेख हसीना) को वापस भेजते है या नहीं.  तौहीद ने पत्रकारों स कहा कि हमारा उनके (भारत ) साथ एक समझौता जिसके अनुसार  भारत चाहे तो उन्हें(शेख हसीना) को वापस कर सकता है. भारत भी अपनी कानूनी प्रक्रियाओं के पालन के साथ करे और हम भी उसका पालन करने का प्रयास करेंगे.

भारत और बांग्लादेश ने 2013 में एक प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किया था. इसके अंतर्गत ये संधि है कि दोनों देश एक दूसरे देश  के बीच भागे हुए अपराधियों- आतंकवादियों को उनके देश को सौंपने को लेकर समझौता हुआ था. संधि के बावजूद बंग्लादेश  की अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस की तरफ से पिलहाल भारत सरकार के पास कोई औपचारिक अनुरोध नहीं आया है.

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