Asha Bhosle passes away :मुंबई: भारतीय संगीत जगत के लिए आज का दिन एक गहरी शोक की लहर लेकर आया है. अपनी खनकती आवाज से सात दशकों तक दुनिया को मंत्रमुग्ध करने वाली लेजेंडरी सिंगर आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं. 92 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली. आशा ताई के नाम से मशहूर इस महान गायिका को 11 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर्स की तमाम कोशिशों के बावजूद 12 अप्रैल को उनका निधन हो गया. सिंगर की पोती ने पहले जानकारी दी थी कि उन्हें सीने में संक्रमण और अत्यधिक थकान की शिकायत थी, जिसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई.
#WATCH | Mumbai: Legendary singer Asha Bhosle’s son, Anand Bhosle says, “My mother passed away today. People can pay their last respects to her at 11 am tomorrow at Casa Grande, Lower Parel, where she lived. Her last rites will be performed at 4 pm tomorrow at Shivaji Park.” https://t.co/enJlEizboY pic.twitter.com/4WqTd9HYxg
— ANI (@ANI) April 12, 2026
Asha Bhosle passes away:भारतीय सिनेमा के एक स्वर्ण युग का अंत
आशा भोसले का जाना सिर्फ एक परिवार की क्षति नहीं बल्कि संगीत के एक स्वर्ण युग का अंत है. 40 के दशक में अपने करियर की शुरुआत करने वाली आशा जी ने बिमल रॉय और राज कपूर जैसे दिग्गज निर्देशकों के साथ काम किया. उन्होंने ओ पी नय्यर, खय्याम और ए आर रहमान जैसे विभिन्न दौर के संगीतकारों के साथ जुगलबंदी कर हजारों कालजयी गाने दिए. हालांकि उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर उस दौर की सबसे बड़ी गायिका थीं, लेकिन आशा जी ने अपनी मेहनत और आवाज की विविधता से बॉलीवुड में अपनी एक अलग और अमिट पहचान बनाई.
Her voice is a pure bliss 😍 om shanti 🙏 pic.twitter.com/seByzCdfnd
— Aryavarta (@aryavarta009) April 12, 2026
फिल्म संगदिल से हिंदी सिनेमा जगत में बड़ी पहचान
शुरुआती दौर में उन्होंने कई कम बजट की फिल्मों में अपनी आवाज दी, लेकिन 1952 में आई फिल्म ‘संगदिल’ ने उन्हें पहली बार पहचान दिलाई। इसके बाद 1957 में बी आर चोपड़ा की फिल्म ‘नया दौर’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जहां से उन्होंने सफलता का असली स्वाद चखा. मोहम्मद रफी के साथ उनकी जोड़ी ने ‘मांग के साथ तुम्हारा‘ और ‘उड़ें जब जब जुल्फें तेरी‘ जैसे सुपरहिट गाने दिए, जो आज भी हर पीढ़ी की पसंद बने हुए हैं.
The world of music will surely lost its rhythm. After Lata Mangeshkar, she was my favourite singer.#AshaBhosle pic.twitter.com/Q74aAGpUFd
— Rich (@Richaghumare) April 12, 2026
‘आशा भोसले जैसा कोई नहीं ‘
आशा भोसले की सबसे बड़ी खासियत उनका हर तरह के गीतों में ढल जाना था. जहां एक तरफ उन्होंने आर डी बर्मन के साथ ‘आजा आजा’ और ‘पिया तू अब तो आजा’ जैसे धुंआधार डांस नंबर्स गाकर पार्टियों में जान फूंकी, वहीं दूसरी तरफ 1981 में फिल्म ‘उमराव जान’ की गजलों से अपनी गायकी की गहराई साबित की. ‘दिल चीज क्या है’ और ‘इन आंखों की मस्ती के’ जैसी गजलों के लिए उन्हें अपना पहला नेशनल अवॉर्ड मिला. इसके बाद ‘इजाजत’ फिल्म के गाने ‘मेरा कुछ सामान’ के लिए उन्हें दोबारा राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया.
62 उम्र में फिल्म रंगीला में गाया उर्मीला मतोंडकर के लिए गीत
उम्र उनके लिए महज एक आंकड़ा थी, जिसे उन्होंने बार-बार साबित किया. 62 साल की उम्र में उन्होंने ‘रंगीला’ फिल्म में उर्मिला मतोंडकर के लिए ‘तन्हा तन्हा’ गाकर सबको हैरान कर दिया था. यहाँ तक कि 91 वर्ष की आयु में भी उनका जज्बा कम नहीं हुआ था. जनवरी 2025 में दुबई में एक कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने विक्की कौशल के गाने ‘तौबा तौबा’ पर परफॉर्म कर अपनी ऊर्जा से सबको दंग कर दिया था. 20 भाषाओं में गाने और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाली आशा ताई आज भले ही शारीरिक रूप से विदा हो गई हों, लेकिन उनकी आवाज हमेशा करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में गूंजती रहेगी.

