आज 3 बजे चर्चा हो, हर सवाल का जवाब दूंगा’, अमित शाह के बयान पर राहुल गांधी का जवाब-‘लेक्चर नहीं सुनना’

NEET paper leak Amit Shah नई दिल्ली :  संसद के मानसून सत्र में NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और वह खुद सदन में हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं. इसके जवाब में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें गृह मंत्री का ‘लेक्चर’ नहीं सुनना, बल्कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए.

विवाद की पृष्ठभूमि में 29 जुलाई 2026 को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया था. उनके आरोपों पर सत्ता पक्ष ने तीखी आपत्ति जताई थी.

NEET paper leak Amit Shah:सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं- अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष से संसद चलने देने की अपील करते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने विपक्ष से कहा कि यदि वह चर्चा चाहता है तो स्पीकर को तय समय तक पत्र दे और संसदीय नियमों के तहत चर्चा कराई जाए.

अमित शाह का कहना था कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन से जुड़े सवाल हों या संसद में विपक्ष के हंगामे का मुद्दा, सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसद में किसी गंभीर मुद्दे पर केवल बयान देकर बात खत्म नहीं की जा सकती. नियम और प्रक्रिया के तहत विस्तृत चर्चा होती है और सरकार उसमें विपक्ष के सवालों का जवाब देती है.

‘आज 3 बजे से चर्चा के लिए तैयार’

अमित शाह ने विपक्ष के सामने चर्चा का विकल्प रखते हुए कहा कि सरकार दोपहर 3 बजे से रात तक चर्चा के लिए तैयार है. इसके अलावा अगले दिन भी दोपहर 3 बजे तक चर्चा जारी रखने की तैयारी है.

गृह मंत्री ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर प्रश्नकाल को स्थगित करने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति जरूरी होगी.

अमित शाह ने विपक्ष से सीधा सवाल किया कि अब फैसला उसे करना है कि वह चर्चा चाहता है या चर्चा से बचना चाहता है.

NEET पेपर लीक बना संसद में बड़ा मुद्दा

NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के आंदोलन ने संसद में भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है. विपक्ष लगातार सरकार से जवाबदेही तय करने और छात्रों की मांगों पर चर्चा की मांग करता रहा है.

इसी मुद्दे को लेकर सरकार ने लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा कराई. 29 जुलाई को यह विधेयक लोकसभा से पारित हो गया.

जंतर-मंतर पर छात्रों की कार्रवाई को लेकर राहुल का हमला

राहुल गांधी ने संसद में छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिला.

बाद में राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भी अपने आरोप दोहराए. उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पैलेट गन और कीलों वाली लाठियों का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने छात्रों के घायल होने और एक छात्र की आंख को नुकसान पहुंचने की आशंका का भी जिक्र किया.

हालांकि, इन आरोपों को लेकर बीजेपी और सरकार की ओर से पलटवार किया गया. बीजेपी ने राहुल गांधी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी या पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत है.

राहुल गांधी बोले- ‘हमें लेक्चर नहीं चाहिए’

अमित शाह की चर्चा की पेशकश पर राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को भाषण या लेक्चर नहीं चाहिए. उनका सवाल छात्रों पर कथित बल प्रयोग की जवाबदेही को लेकर है.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अगर छात्रों पर पैलेट गन चलाने या बल प्रयोग का आदेश गृह मंत्री ने दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई.

राहुल गांधी ने पहले भी कहा था कि यदि गृह मंत्री ने कार्रवाई का आदेश दिया था तो उनकी जिम्मेदारी बनती है और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह प्रशासनिक विफलता का मामला है.

बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों पर किया पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों के बाद बीजेपी ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला किया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से अपने आरोपों को साबित करने और माफी मांगने की मांग की. वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है, मंत्री नहीं.

इस पूरे विवाद के दौरान लोकसभा की कार्यवाही भी कई बार बाधित हुई. सत्ता पक्ष ने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की, जबकि विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर तत्काल चर्चा और जवाबदेही की मांग करता रहा.

सरकार और विपक्ष आमने-सामने

संसद में मौजूदा टकराव सिर्फ NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं है. छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदारी तय करने जैसे मुद्दों पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं.

सरकार का कहना है कि परीक्षा में अनुचित साधनों को रोकने के लिए कानून को मजबूत किया जा रहा है, जबकि विपक्ष छात्रों से जुड़े कथित दमन और परीक्षा व्यवस्था में खामियों पर जवाब मांग रहा है.

अब नजर इस बात पर है कि अमित शाह की चर्चा की पेशकश पर विपक्ष क्या रुख अपनाता है और संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत बहस होती है या राजनीतिक गतिरोध आगे भी जारी रहता है.

 

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