हर हर महादेव की गूंज के साथ अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था रवाना,यात्रामार्ग पर ड्रोन-मिसाइल हमला रोकने का भी इंतजाम

Amarnath Yatra Start :  गुरुवार, 3 जुलाई शुरु होने वाली अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ हो हो गया है. इस यात्रा के लिए पहलगाम और  बालटाल के रास्ते जाने वाला पहला जत्था बाबा बार्फानी की पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना हो चुका है.  3 जुलाई से लेकर 9 अगस्त तक ( 38 दिन)  चलने वाली अमरनाथ यात्रा के भक्तों की सुरक्षा के लिए चप्पे चप्पे पर जम्मू-कश्मीर पुलिस से लेकर सेना और अर्धसैनिक बलों तक को तैनात किया गया है.

Amarnath Yatra Start : आतंकी हमलों से निबटने की पूरी तैयारी

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार के पास ये खुफिया जानकारी है कि  इस समय कश्मीर घाटी में 50 से अधिक दहशतगर्द छुपे हैं और इस यात्रा को निशाना बनाने की फिराक में हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने पूरी यात्रा के रुट पर कई स्तरों पर सुरक्षाबलों को तैनात किया है. सरकार ने इस यात्रामार्ग को फुलप्रूफ बनाने के लिए सेना, अर्धसैनिक बलों और जम्मू कश्मीर पुलिस को मिलाकर सुरक्षास्तर को मजबूत बनाया है.

अमरनाथ यात्रा का मार्ग

हर साल की तरह इस साल भी अमरनाथ यात्रा परंपरागत रुप से यात्रा दो मार्गों से गुजरेगी- एक पहलगाम और दूसरा बालटाल से . पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने इस यात्रा में किसी भी संभावित हमले से निबटने के लिए सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के लगभग 80 हजार जवानों को यात्रा मार्ग पर तैनात किया है. इस मार्ग में यात्रियो को सुरक्षा की गारंटी देने के लिए सुरक्षा बलों ने  फिदायीन हमलो से निबटने के भी इंतजाम किये हैं.इसके लिए कई लेयर वाली सुरक्षा तैनात की गई है. सुरक्षा की तैयारी का स्तर इस बात से समझा जा सकता है कि यहां उसी तरह की सुरक्षा लगाई गई है, जैसे अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना और नाटो सेना के काफिलों की हिफाजत के लिए लगाई जाती थी.

Amarnath yatra route
Amarnath yatra route
अमरनाथ यात्रा को लेकर क्या हैं खुफिया रिपोर्ट

खुफिया सूत्रों को मिली जानकारी के मुताबिक इस बार की अमरनाथ यात्रा पर पाकिस्तानी दशहतगर्दों की बुरी नजर है. कश्मीर के उपरी इलाकों में लगभग ’50’ पाकिस्तानी दहशतगर्द छिपे हैं. इनमें से ज्यादातर दहशतगर्द पाकिस्तान के किसी ना किसी आतंकी संगठनों से जुड़े हैं, इनमें दो दर्जन से भी अधिक आतंकी लोकल है, जो इन आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं. इन्ही चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है. जगह-जगह पर सेना, अर्ध सैनिक बलों को तैनात किया गया है. पूरे रास्तों पर सीसीटीवी और ड्रोन से नजर रखी जा रही है. अमरनाथ यात्रियों को सीआरपीएफ के घेरे में रखा जायेगा. जगह जगह पर  डॉग स्क्वाड और बुलेटप्रूफ मार्क्समैन तैनात किये गये हैं. दूर तक देखने के लिए बड़ी दूरबीने लगाई गई हैं.

Amarnath Yatra Security
Amarnath Yatra Security
मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने का इंतजाम

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार अमरनाथ यात्रा को लेकर खास तौर पर एलर्ट है. यात्रा मार्ग पर ‘छोटी मिसाइल’ और ‘ड्रोन’ से भी अगर हमला किया जाता है, तो इससे निबटने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं. 50 हजार से अधिक सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है. यात्रा मार्ग पर अगर कोई फिदाइन अटैकर आ जाता है, तो इसे रोकने के लिए भी केंद्रीय सुरक्षा बलों को स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है. यात्रा के रूट पर 500 मीटर से लेकर एक हजार मीटर के अंतराल पर जवानों की तैनाती की गई है. हालात को देखते हुए जवानों की तैनाती बदलती रहेगी.

Latest news

Related news