Air India 777 : इन दिनों एअर इंडिया के विमानों के साथ कुछ न कुछ बुरा हो ही रहा है. लोग अभी 12 जून को अहमदाबाद में हुई प्लेन क्रैश की दुखद घटना को भूल भी नहीं पाये हैं कि अब एयर इंडिया के एक और विमान Air India 777 को लेकर खतरनाक खबर सामने आई है.
दिल्ली से वियना जा रही विमान के साथ हुआ हादसा
मामला एयर इंडिया के एक इंटरनेशनल फ्लाइट की है. फ्लाईट AI 187 ने इंदिरा गांधी अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के तुरंत बाद ही विमान में तकनीकी खराबी का मामला सामने आया . टेकऑफ के तुरंत बाद ही विमान खतरनाक तरीके से करीब 900 फिट नीचे आ गया. विमान इतनी तेजी से नीचे आया कि लोग सहम गये. राहत की बात ये रही कि समय रहते एलार्म बजा और पायलट ने स्थिति को संभाल लिया.
टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही हुआ हादसा
अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक मामला 14 जून का है,जब एयर इंडिया का बोइंग 777 विमान उड़ान भरने के बाद कुछ मिनटों बाद ही खतरनाक तरीके से नीचे आने लगा. पायलट को ‘स्टॉल वॉर्निंग’ और ‘ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वॉर्निंग सिस्टम’ (GPWS) की ‘डोंट सिंक’ वॉर्निंग कॉकपिट के अंदर मिलने लगी, जिसके बाद उसे तकनीकी खराबी का एहसास हुआ.
जब पायलट को हुआ खतरे का एहसास …
जांच के दौरान ये बात सामने आई है कि 14 जून की रात 2.56 मिनट पर जब बोईंग 777 ने उड़ान भरी थी, उस समय दिल्ली में तेज तूफान आया हुआ था और मौसम बहुत खराब था. टेक-ऑफ करने के कुछ मिनट बाद ही अचानक विमान करीब 900 फीट तक नीचे आ गया.
विमान का ‘स्टिक शेकर’ अलार्म एक्टिव हो गया.स्टिक अलार्म का मतलब ये है कि कॉकपिट का कंट्रोल कॉलम हिलने लगा और पायलट को तुरंत खतरे का एहसास हुआ. पायलट ने तुरंत विमान को उपर उठाया और स्थिति पर नियंत्रण किया. गनीमत ये रही कि पायलट की सूझबूझ और आपात स्थिति पर नियंत्रण स्कील के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई. 9 घंटे 8 मिनट की उड़ान के बाद बोईंग 777 ने वियना में सुरक्षित लैंडिंग की. फिर वहां से दूसरा क्रू विमान को लेकर टोरंटो रवाना हो गया.
DGCA ने जांच के बाद पायलट को ड्यूटी से हटाया
इस मामले मे जब जांच की गई तो कई लापरवाहियां नजर आई. बताया गया कि हादसे के बाद पायलट की तरफ से जो रिपोर्ट दी गई उसमें केवल ये लिखा था कि ‘टेक-ऑफ के बाद टर्बुलेंस के कारण स्टिक शेकर एक्टिव हुआ’. रिपोर्ट में उस समय के बाकी एलार्म के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. फिर जब DGCA ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) की जांच की, तब पता चला कि नीचे आने से पहले विमान में ‘GPWS डोंट सिंक’ और ‘स्टॉल वॉर्निंग’ जैसी गंभीर चेतावनियां भी आई थीं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीसीए ने पायलट को ड्यूटी से हटाने का आदेश दिया है.
हैरानी की बात ये है कि इस घटना से केवल 2 दिन पहले 12 जून को अहमदाबाद में भारत के इतिहास का सबसे बड़ा प्लेन क्रैश हुआ, जिसमें 275 से ज्यादा लोग मारे गये थे. इसके बावजूद एयर इंडिया के पायलट की ओर से रिपोर्ट में की गई लापरवाही एयर इंडिया के भीतर मौजूद कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करती है.