नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम मन की बात Mann Ki Baat का आज 107वां एपिसोड प्रसारित हुआ, जिसका आकाशवाणी पर सीधा प्रसारण हुआ.आज उन्होंने कई मुद्दों पर बात की. वोकल फॉर लोकल अभियान की सफलता के बारे में बात की. शादी सीजन को लेकर उन्होंने कहा शादियों से जुड़ी खरीदारी में भी आप सभी भारत में बने उत्पादों को ही महत्व दें.पीएम ने कहा कभी-कभी कुछ बातें बहुत पीड़ा देती है और मेरे मन की पीड़ा, मैं, मेरे परिवारजनों को नहीं कहूंगा तो किसको कहूंगा? पीएम मोदी के रेडियो प्रोग्राम मन की बात में कई बड़ीं बातें कही.

Mann Ki Baat में 26 नवम्बर के हमले को किया याद
पीएम ने अपने सम्बोधन में कहा आज 26 नवंबर हम कभी भी भूल नहीं सकते हैं. आज के ही दिन देश पर सबसे जघन्य आतंकी हमला हुआ था. आतंकियों ने मुंबई को, पूरे देश को, थर्रा कर रख दिया था.आप सब का भारत का सामर्थ्य है कि हम उस हमले से उबरे और अब पूरे हौसले के साथ आतंक को कुचल भी रहे हैं. मुंबई हमले में अपना जीवन गंवाने वाले सभी लोगों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं. इस हमले में हमारे जो जांबांज वीरगति को प्राप्त हुए, देश आज उन्हें याद कर रहा है.
स्वच्छ भारत अभियान बन रहा है प्रेरणा
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की सफलता और उसकी प्रेरणा की तारीफ़ की,उन्होंने कहा अब वैसे ही Vocal For Local की सफलता, विकसित भारत – समृद्ध भारत के द्वार खोल रही है.वोकल फ़ॉर लोकल का ये अभियान पूरे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है. वोकल फ़ॉर लोकल अभियान रोजगार की गारंटी है. यह विकास की गारंटी है, ये देश के संतुलित विकास की गारंटी है. इससे शहरी और ग्रामीण, दोनों को समान अवसर मिलते हैं.
भारत में शादी ब्याह के लिए किया प्रोत्साहित
मोदी जी ने विदेशों में जाकर शादी करने के कल्चर के लिए भी बात की,उन्होंने कहा इन दिनों से ये जो कुछ परिवारों में विदेशों में जाकर के शादी करने का जो एक नया ही वातावरण बनता जा रहा है. ये जरूरी है क्या? भारत की मिट्टी में, भारत के लोगों के बीच, अगर हम शादी ब्याह मनाएं, तो देश का पैसा, देश में रहेगा. देश के लोगों को आपकी शादी में कुछ-न-कुछ सेवा करने का मौका मिलेगा, छोटे -छोटे गरीब लोग भी अपने बच्चों को आपकी शादी की बातें बताएंगे. क्यों न हम शादी ब्याह ऐसे समारोह अपने ही देश में करें? हो सकता है, आपको चाहिए वैसी व्यवस्था आज नहीं होगी लेकिन अगर हम इस प्रकार के आयोजन करेंगे तो व्यवस्थाएं भी विकसित होंगी. ये बहुत बड़े परिवारों से जुड़ा हुआ विषय है. मैं आशा करता हूं मेरी ये पीड़ा उन बड़े-बड़े परिवारों तक जरूर पहुंचेगी.
11 विदेशी भाषाओं में होता है मन की बात का प्रसारण
‘मन की बात’ कार्यक्रम 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तू, फारसी सहित 11 विदेशी भाषाओं में प्रसारित किया जाता है.यह कार्यक्रम आकाशवाणी के 500 से अधिक केंद्रों से प्रसारित होता है.

