बगहा (न्यूज डेस्क) पश्चिमी चंपारण के बगहा के बांसगांव परसौनी के मध्य विद्यालय में मीड डे मील खाने के बाद एकाएक 171 बच्चे बीमार हो गये. Bagaha Mid Day Meal खाने के बाद अचानक उन्हें उल्टियां आने लगी और पेट में दर्द होना शुरु हो गया. कई बच्चों को चक्कर आने लगे. इतने बच्चों को अचनाक एक साथ उल्टियां करते और पेट दर्द से कराहते देख शिक्षकों के होश उड़ गये और आनन फानन में बच्चों के अभिभावको को बुलाया गया. बच्चों की हालत देख परिजन उन्हें लेकर पास के बगहा अनुमंडल अस्पातल और पीएचएसी रामनगर भागे. 75 बच्चो के रामनगर पीएससी और 96 बच्चों को बगहा अनुमंडल अस्पताल मेँ भर्ती कराया गया.
Bagaha Mid Day Meal खाने का बाद बिगड़ी बच्चों की तबियत
बच्चों को आनन फानन में अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन इनमें 6 छात्रों की हालत खराब होने लगी तब उन्हें बेतिया के अस्पताल में रेफर किया गया.वहीं कुछ बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. इतने बच्चों के बीमार होने की खबर से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई. .पुलिस भी मौके पर पहुचेृी. कुछ बच्चों को तो पुलिस वैन में भी अस्पताल ले जाया गया.
खाने के बाद बीमार होने की खबर से भड़के परिजन,रसोइया, शिक्षक फरार
खबर फैल घगई कि खाना खाने के बाद बच्चे बीमार हुए तो जाहिर तौर पर परिजनों का आक्रोश स्कूल के शिक्षकों और रसोइयों पर फूटने लगा, जिन्होंने मीड डे मील तैयार किया था. अभिभावकों के गुस्से को देखते हुए रसोइया और शिक्षक मौके से फरार हो गये.
स्कूल के हेडमास्टर को थाने में बिठाया
आनन फानन में इलाके में मौजूद शिक्षा विभाग और पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और छानबीन शुरु की DEO रजनीकांत ने अस्पताल पहुंच कर बच्चों के हालत के बारे में जानकारी ली. पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रभारी हेडमास्टर सुजीत कुमार को थाने बुला लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
कैरोसिन मिला खाना खान के बाद बच्चे हुए बीमार
बिहार के सरकारी स्कूलों मे जारी मिडडे मील योजना के तहत प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को मध्यान में भोजन परोसा जाता है. बीआरसी के मुताबिक उन्हें पता चला कि भोजन में कैरोसिन गिर गया था और वही खाना बच्चों को परोसा गया.बताया जा रहा है है कि बच्चों ने भोजन में कैरोसिन / मिट्टी का तेल की दुर्गध ने की शिकायत भी की लेकिन शिक्षक नहीं माने और बच्चो को जबरन वही भोजन खिलाया गया.इसके बाद ही बच्चों को पेट दर्द और उल्टी होना शुरु हो गया.
पिलहाल बच़्चों की हालत ठीक, भेजे गये घऱ
अधिकारियो से मिती जानकारी के मुताबिक ज्यादातर बच्चे की हालत ठीक है और उन्हें प्रारंभिक उपचार के बाद उनके घर भेज दिया गया है वही तीन बच्चों की तबियत ज्यादा खराब है, उनका इलाज चल रहा है.
डीएम ने डीईओ से 24 घंटे में मांगा रिपोर्ट
इस घटना के कारण बगहा से लेकर बेतिया तक सनसनी फैल गई. चंपारण के जिलाधिकारी दिनेश राय ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को 24 घंटे के अंदर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा है.साथ ही ये जांच कराने के लिए कहा गया है कि स्कूल के इसक्षेत्र में मिट्टी का तेल पहुंचा कैसे ? जिलाधfकारी दिनेश राय ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी.





