Mamata under house arrest ?- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख Mamata Banerjee के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास के बाहर भारी संख्या में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है. TMC ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी को उनके ही घर में “नजरबंद” कर दिया गया ताकि वे बारुईपुर में पीड़ित परिवार से मिलने न जा सकें.
MAMATA BANERJEE under HOUSE ARREST !!
Big Allegation coming from TMC (Mamata Banerjee Faction) that Ms. Mamata Banerjee is under House Arrest as she was scheduled to visit Baruipur – where a 11 year old girl (Class V student) was allegedly brutally gang raped & murdered and her… pic.twitter.com/pW19Fm1BAY
— 𝐑𝐢𝐣𝐮 𝐃𝐮𝐭𝐭𝐚 (@RijuDutta_84) July 5, 2026
Mamata under house arrest ?-बारुईपुर जाने से रोकने का आरोप
तृणमूल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में कथित दुष्कर्म और हत्या की शिकार नाबालिग के परिवार से मिलने के लिए ममता बनर्जी जाने वाली थीं. पार्टी का आरोप है कि इसी यात्रा को रोकने के उद्देश्य से उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई.
TMC नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इसे “सुपर इमरजेंसी” जैसी स्थिति करार दिया है.
#WATCH | Kolkata, West Bengal: On TMC Chairperson and former CM Mamata Banerjee allegedly being stopped to Baruipur over the rape and murder of a 12-year-old girl, TMC MP Dola Sen says, “It is not just an emergency; it is a ‘super emergency’. What is happening is not right.” pic.twitter.com/OyqObrX91l
— ANI (@ANI) July 6, 2026
भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं भाजपा ने TMC के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. भाजपा नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी Z-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त नेता हैं और उनके आवास के बाहर सुरक्षा बलों की मौजूदगी पूरी तरह नियमित सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है. उनका कहना है कि इसे नजरबंदी बताना राजनीतिक बयानबाजी है.
क्या वास्तव में नजरबंद किया गया?
अब तक किसी सरकारी एजेंसी या प्रशासन की ओर से यह पुष्टि नहीं की गई है कि ममता बनर्जी को औपचारिक रूप से नजरबंद किया गया है. फिलहाल यह दावा केवल TMC की ओर से किया गया है, जबकि प्रशासन और भाजपा इसे सामान्य सुरक्षा व्यवस्था बता रहे हैं.
राजनीतिक माहौल और गर्माया
इस घटनाक्रम ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है. विपक्षी दल इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बता रहे हैं, जबकि भाजपा इसे कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ा विषय बता रही है. हालांकि ममता बनर्जी को कानूनी रूप से नजरबंद किए जाने की पुष्टि नहीं है.”नजरबंद” किए जाने का दावा तृणमूल कांग्रेस की ओर से लगाया गया आरोप है, जबकि भाजपा और प्रशासन ने इससे इनकार किया है.




