सीवान : बिहार में पिछले पांच महीने से जनता के बीच पैदल घूम रहे प्रशांत किशोर लगातार बिहार की जनता को ये बताने में लगे हुए है कि जिस तरह से शासन चल रहा है, वो ठीक नहीं है. बिहार की जनता को बेहतरी चाहिये तो उन्हें वर्तमान सत्ता को बदलना होगा.
जनता 4 किलो अनाज के नाम पर वोट करने जाती है- प्रशांत किशोर
जन सुराज पदयात्रा के दौरान सीवान जिले के नवलपुर पंचायत में आमसभा को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता अपने बच्चों के नाम पर कभी वोट नहीं करती है,बल्कि सभी बातों को भुलाकर वोट करने जाती है. चार किलो अनाज में ही गुजारा करना पड़ रहा है, पढ़ने की व्यवस्था ना के बारबर है. घर का लड़का 10-15 हजार के लिए अपने घरों से मीलों दूर रह रहा है. जब जनता वोट जाति-धर्म के नाम पर कर रही है तो आप विकास की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? जो बोएंगे वही काटेंगे. अगर आपका बच्चा पढ़ ही नहीं रहा है तो कलेक्टर कहा से बन जायेगा? आपका बच्चा स्कूल में जाता है पढ़ने तो वो पढ़ नहीं रहा बल्कि पिल्लू (कीडे) वाला खिचड़ी खा रहा है, पिल्लू वाला खिचड़ी खाकर आपका बच्चा मजदूर ही बनेगा कलेक्टर नहीं, और आपको इसकी चिंता ही नहीं है.
2 अक्टूबर से प्रशांत किशोर ने सुराज पद यात्रा शुरु की थी
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर पिछले साल 2 अक्टूबर से बिहार मे जन सुराज पद यात्रा कर रहे हैं. इस दौरान वो लगातार बिहार के मौजूदा और पिछली सरकारों पर भ्रष्टाचार, कुशासन और अव्यवस्था के मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं. प्रशांत किशोर बिहार की जनता मे ये विश्वास जगाने की कोशिश में जुटे है कि यहां परंपरागत राजनीति करने वाले नहीं बल्कि नई चेतना के साथ आने वाले नये राजनेताओं की जरुरत हैं. हलांकि प्रशांत किशोर ने अब तक अपनी राजनीतिक पार्टी नहीं बनाई है लेकिन उनका जोर लगातार नई राजनीति करने वालों को मैदान में लाने पर है. प्रशांत किशोर इस पदयात्रा के दौरान अपने लिए राजनीतिक जमीन टटोलने में लगे हैं.

