Bihar Tiranga Yatra पटना: आगामी पंद्रह अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व के मद्देनजर सोमवार को बिहार की राजधानी पटना में ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत एक भव्य और विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस भव्य यात्रा की शुरुआत सुबह साढ़े दस बजे ऐतिहासिक जेपी गोलंबर से हुई, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं अगुवाई की। वह हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थामे जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक करीब डेढ़ किलोमीटर तक पैदल मार्च करते हुए चले। इस दौरान उनके साथ मंत्रिमंडल के कई अन्य वरिष्ठ सहयोगी और हजारों की संख्या में देशभक्त नागरिक हाथों में तिरंगा झंडा लेकर उत्साह के साथ शामिल हुए।
Bihar: A grand Tiranga Yatra is being organised in Patna today under the ‘Har Ghar Tiranga’ campaign. Led by Chief Minister @samrat4bjp, the march begins from J.P. Circle near Gandhi Maidan and concludes near Kargil Chowk.
A large number of schoolchildren, NCC and NSS cadets,… pic.twitter.com/uQKs7cTTQI
— All India Radio News (@airnewsalerts) August 10, 2026
Bihar Tiranga Yatra :गांधी मैदान में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि और तिरंगा यात्रा का शुभारंभ
तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना के गांधी मैदान पहुंचे और वहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके साथ मंत्री दिलीप जायसवाल और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गांधी मैदान में प्रवेश के दौरान मुख्यमंत्री का काफिला गेट नंबर बारह से अंदर गया, जबकि आम जनता और कार्यकर्ताओं के लिए प्रवेश हेतु गेट नंबर एक और तेरह निर्धारित किए गए थे, और वाहन चालकों के लिए गांधी मैदान के भीतर ही पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था की गई थी।
राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान के खिलाफ कानून और तिरंगा यात्रा की अपील
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह तिरंगा हमारी एकता, अखंडता, साहस, त्याग और देश की समृद्धि का सबसे बड़ा प्रतीक है, जिसकी रक्षा के लिए देश के वीर जवान अपने प्राणों की आहुति देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ या राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ का अपमान करने वालों को सबक सिखाने और दंडित करने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कानून बनाने का सराहनीय काम किया है। उन्होंने पूरे प्रदेश के नागरिकों से अपील की कि वे अपने गांवों, पंचायतों, नगर निकायों और जिला स्तर पर आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी सुनिश्चित करें।
दस से सत्रह अगस्त तक राज्यभर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के तत्वावधान में दस से सत्रह अगस्त तक पूरे बिहार में ‘तिरंगा यात्रा’ और विभिन्न देशभक्ति कार्यक्रमों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। विभाग के मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के अनुसार, इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार ने छह करोड़ बारह लाख रुपये की भारी-भरकम राशि जारी की है। इसके तहत प्रदेश के सभी 534 प्रखंडों और 38 जिलों को एक-एक लाख रुपये तथा राज्यस्तरीय भव्य आयोजनों के लिए पच्चीस लाख रुपये की विशेष राशि आवंटित की गई है, जिससे सभी ग्रामीण व शहरी अंचलों में राष्ट्रीय पर्व का यह उत्सव धूमधाम से मनाया जा सके।
चौदह अगस्त को मनाया जाएगा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने यह भी जानकारी दी कि नई पीढ़ी को देश की आजादी के गौरवशाली इतिहास के साथ-साथ वर्ष 1947 के देश के बंटवारे की दर्दनाक त्रासदी और उसके प्रभावों से अवगत कराने के लिए चौदह अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उस दौर की परिस्थितियों से परिचित कराना है। वहीं दूसरी ओर, इस वीआईपी तिरंगा यात्रा के दौरान सुरक्षा और आवागमन को सुगम बनाए रखने के लिए डाकबंगला चौराहे से जेपी गोलंबर तक के मार्ग को आम वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर पूरी तरह आरक्षित रखा गया था।

