मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले में गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर बुधवार को शहर के तमाम प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। खासकर बिहार के देवघर के रूप में प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर में सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही भव्य आरती और महाशृंगार का आयोजन किया गया, जिसके तुरंत बाद जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान चारों तरफ गूंज रहे 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है और भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है।
बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर में सुबह से लेकर रात दस बजे तक अनवरत चलेगा दर्शन और पूजन का दौर
बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने जानकारी दी है कि बुधवार को सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर विधि-वत जलाभिषेक किया। इसके बाद दोपहर दो बजे भगवान का विशेष महाशृंगार किया जाएगा, जिसके उपरांत रात 10 बजे तक भक्त निर्बाध रूप से दर्शन और पूजन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा में गुरु पूर्णिमा के इस विशेष पर्व का अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व है। इसके साथ ही शहर के अन्य प्रसिद्ध शिवालयों जैसे साहू पोखर शिव मंदिर, ब्रह्मपुरा स्थित बाबा सर्वेश्वर नाथ शिव मंदिर और रामदयालु नगर के मुक्तिनाथ मंदिर में भी भारी संख्या में पहुंचकर भक्त पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
सावन माह की धार्मिक गतिविधियों और अनुष्ठानों की शुरुआत का प्रतीक बनता है गुरु पूर्णिमा का दिन
मंदिर के पुजारी पंडित पिंकू पाठक ने बताया कि गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। उन्होंने विशेष रूप से यह भी उल्लेख किया कि आज के इस पावन दिन से ही बाबा गरीबनाथ धाम में आगामी सावन माह की प्रमुख धार्मिक गतिविधियों और आयोजनों की औपचारिक शुरुआत हो जाती है। सुबह से ही मंदिर परिसर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की यह भीड़ इस बात का प्रमाण है कि लोगों में सनातन संस्कृति के प्रति गहरी आस्था है। यह पूरा दिन श्रद्धालुओं के मन में अटूट भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है।
माता-पिता और मार्गदर्शकों का आशीर्वाद लेकर उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का लिया जा रहा संकल्प
गुरु पूर्णिमा के इस खास मौके पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के लोगों ने अपने गुरुओं, माता-पिता और जीवन को सही दिशा दिखाने वाले सभी मार्गदर्शकों का स्मरण किया। पुजारियों ने बताया कि आज के दिन अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेना और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना अत्यंत कल्याणकारी होता है। मंदिर प्रबंधन की तरफ से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं ताकि सभी भक्त शांतिपूर्ण तरीके से भगवान शिव का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित कर सकें।

