पटना। पटना के पास मनेर से राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टी नेतृत्व पर भेदभाव और टिकट बेचने का आरोप लगाया। राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने कहा इसके चलते ही पार्टी की हार हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को नज़रअंदाज़ किया गया और कुछ मामलों में बाहरी ज़िलों के उम्मीदवारों को टिकट दिए गए। विधायक भाई बीरेंद्र हाल ही में तरारी में समाजवादी नेता काशीनाथ यादव की श्रद्धांजलि सभा में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में शिवानंद तिवारी और विजय मंडल सहित कई आरजेडी नेता शामिल हुए थे। उनके बयान का एक वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। भाई बीरेंद्र ने खास तौर पर दिनारा विधानसभा सीट का मुद्दा उठाया, जहां मौजूदा विधायक विजय मंडल को टिकट नहीं दिया गया, बल्कि शशि शेखर कुमार उर्फ राजेश यादव को टिकट दिया गया, जो बाद में चुनाव हार गए। उन्होंने पूछा, हम दोनों एक ही समय में विधायक बने थे। जब किसी यादव को टिकट देना ही था, तो मौजूदा विधायक विजय मंडल को नज़रअंदाज़ क्यों किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने खुद को समाजवादी बताया, लेकिन असल में उन्होंने टिकट बेचे। उन्होंने कहा, अगर ऐसे लोग राजनीति में रहेंगे, तो पार्टी की हार तय है, और कहा कि इन आरोपों की जांच होनी चाहिए। इस बीच एनडीए नेताओं ने भाई बीरेंद्र के दावों का समर्थन किया। जद (यू.) के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि आरोप सच हैं और सभी को पता है। उन्होंने कहा, विधानसभा चुनाव में राजद की हार के बाद कई समीक्षा बैठक हुईं, लेकिन किसी ने बोलने की हिम्मत नहीं की। दूसरे चुप रहे, और भाई बीरेंद्र ने सच बोला। तेजस्वी प्रसाद यादव को इस मुद्दे पर सफाई देनी चाहिए।

