विधानसभा में पहले दिन बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, निशांत कुमार की स्पीकर से मुलाकात चर्चा में

पटना: बिहार विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। सत्र के प्रथम दिवस की कार्यवाही के दौरान नवनिर्वाचित सदस्यों के मनोनयन, विविध समितियों के गठन, शोक प्रस्ताव तथा वित्तीय विषयों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूर्ण किए जाएंगे। एक तरफ जहाँ विपक्षी दल कानून-व्यवस्था, बाढ़ की स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी एवं जनहित से जुड़े ज्वलंत विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुके हैं, वहीं सत्र प्रारंभ होने से पूर्व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से शिष्टाचार भेंट कर उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से की शिष्टाचार मुलाकात

सत्र की शुरुआत से पहले स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने व्यक्त किया कि बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में मंत्री के रूप में उनका यह पहला दिवस है, इसलिए वे अध्यक्ष जी का स्नेहाशीष लेने पहुँचे हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार एक अत्यंत अनुभवी एवं वरिष्ठ राजनेता हैं तथा उनके पिता के साथ भी उनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं। उनके विस्तृत अनुभवों एवं कुशल मार्गदर्शन में दायित्वों का निर्वहन करना उनके लिए अत्यंत गौरव एवं सीखने का अवसर है।

विधानसभा की कार्यसूची और प्रारंभिक विधायी प्रक्रियाएं

सदन की निर्धारित कार्यसूची के अनुसार सत्र का प्रारंभ विधानसभा अध्यक्ष के प्रारंभिक संबोधन से हुआ। इसके पश्चात बिहार विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के प्रावधानों के अंतर्गत अस्थायी सदस्यों का मनोनयन पूरा किया जाएगा। इसी क्रम में कार्य-मंत्रणा समिति के गठन से संबंधित प्रस्ताव को भी पटल पर रखा जाएगा। औपचारिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत महामहिम राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित किए गए अध्यादेशों की प्रतियों को विधिवत सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

समितियों के प्रतिवेदन और अनुपूरक मांगों का विवरण

सत्र के दौरान बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों द्वारा पारित किए गए अनुपूरक मांगों से संबंधित आधिकारिक संदेशों का विवरण सदन में पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विधानसभा की विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों के प्रतिवेदनों को भी विचारार्थ पटल पर रखा जाएगा। इन विधायी प्रक्रियाओं के माध्यम से राज्य के प्रशासनिक एवं विधायी तंत्र को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रथम दिवस का सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय कार्यसूची

मानसून सत्र के प्रथम दिन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरण का उपस्थापन रहेगा। सरकार द्वारा प्रस्तुत इस अनुपूरक बजट के माध्यम से राज्य की चालू विकास योजनाओं, लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों और आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। सदन में इस वित्तीय प्रस्ताव पर आने वाले दिनों में विस्तृत चर्चा एवं स्वीकृति की प्रक्रिया संपन्न होगी।

Latest news

Related news