Sunday, March 1, 2026

Shahrukh Khan और फुटबॉलर लियोनेल Messi समेत सात लोगों को Consumer Court का नोटिस

मुजफ्फरपुर :  बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के उपभोक्ता आयोग की तरफ से एक नोटिस जारी किया गया है. यह नोटिस फिल्म अभिनेता Shahrukh Khan और फुटबॉलर मेसी समेत सात लोगों को जारी किया गया है . इसको लेकर आयोग में अगली सुनवाई 12 जनवरी 2024 को होगी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला BYJUS के फर्जी विज्ञापन से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें जिला उपभोक्ता आयोग ने ये नोटिस एक पिता की शिकायत पर जारी किया है. पिता का आरोप है कि आकाश बायजूस ने फीस के नाम पर 2 लोन लेकर धोखाधड़ी की है.

Akash Byju's
                                                                    Akash Byju’s

फिल्म अभिनेता शाहरुख खान Shahrukh Khan और फुटबॉलर लियोनेल मेसी आकाश बायजूस के ब्रांड ऐंबैसडर हैं, इसलिए इनको भी विरोधी पक्षकार बनाया गया है. आयोग की तरफ से निर्धारित तारीख को अगर ये लोग उपस्थिति नहीं होते हैं तो आयोग इन सभी के खिलाफ आगे की कार्रवाई करेगा.

Shahrukh Khan से जुड़ा क्या है पूरा मामला

दरअसल मुजफ्फरपुर के चन्दवारा मोहल्ला के रहने वाले मोहम्मद शमशाद अहमद ने अपने बेटों का एडमिशन आकाश बायजूस की मुजफ्फरपुर वाली ब्रांच में कराया था. उन्होंने एडमिशन फीस के साथ बच्चों ने जितने दिन पढ़ाई की, उसकी फीस भी भरी. आकाश बायजूस की पढ़ाई से असंतुष्ट होकर उनके दोनों बेटों ने संस्थान छोड़ने का फैसला किया. शमशाद अहमद ने कहा कि इसकी लिखित सूचना संस्थान को दी गई, उसके बाद उनके बच्चे ने संस्थान जाना छोड़ दिया. कुछ दिनों के बाद मोहम्मद शमशाद अहमद को पता चला कि संस्थान ने उनके दोनों बच्चों की फीस को लेकर दो अलग-अलग लोन लिए हैं. जिसकी शिकायत उन्होंने संस्थान से की लेकिन संस्थान ने उनकी एक नहीं सुनी.

शाहरुख खान और लियोनेल मेसी को नोटिस

इसके बाद शमशाद अहमद ने मानवाधिकार अधिवक्ता एसके. झा की मदद से 30 अक्टूबर को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया. जिस पर आयोग के अध्यक्ष पीयूष कमल दीक्षित, सदस्य सुनील कुमार तिवारी और अनुसूया की पूर्ण पीठ ने मामले की सुनवाई की और आकाश बायजूस के ब्रांड ऐंबैस्डर एक्टर शाहरुख खान, फुटबॉलर लियोनेल मेसी समेत सात लोगों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया. सभी विरोधी पक्षकारों को 12 जनवरी को आयोग के सामने हाजिर होने का आदेश दिया गया है. एस. के. झा ने बताया कि यह पूरा मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत सेवा में कमी फर्जी विज्ञापन से सम्बंधित है ओर जो उपभोक्ता संरक्षण कानून के विरुद्ध है.

 

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