Ranchi Smart Meter Issue अब रांची शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। बिजली विभाग ने अप्रैल तक 3.70 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से अब तक करीब 3.40 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं। विभाग का दावा है कि केवल 30 से 35 हजार उपभोक्ताओं के घरों में ही स्मार्ट मीटर लगना बाकी है। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल और सप्लाई को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि जैसे ही स्मार्ट मीटर का बैलेंस 200 रुपये से नीचे जाता है, वैसे ही तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। कई मामलों में उपभोक्ताओं को समय पर अलर्ट या सूचना भी नहीं मिल पाती, जिससे अचानक अंधेरा छा जाता है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों वाले परिवारों और दुकानदारों को इससे खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Ranchi Smart Meter Issue में एक बड़ी समस्या भुगतान के बाद भी कनेक्शन बहाल होने में देरी की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन या काउंटर से राशि जमा करने के बावजूद बिजली तुरंत चालू नहीं होती। कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे स्मार्ट मीटर के ऑटोमैटिक सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसके अलावा, स्मार्ट मीटर लगने के बाद ज्यादा बिजली बिल आने की शिकायतें भी बढ़ी हैं। कुछ उपभोक्ताओं का दावा है कि उनकी खपत पहले जैसी ही है, लेकिन बिल की राशि पहले से कहीं अधिक आ रही है। इसे लेकर उपभोक्ता बिलिंग सिस्टम की जांच और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।

