मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उर्दूकर्मियों को बांटा नियुक्तिपत्र

पटना
उर्दू अनुवादक एवं अन्य उर्दू कर्मियों को मिला नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

पटना :-
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में उर्दू अनुवादक एवं अन्य उर्दू कर्मियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया. कार्यक्रम में कुल 183 उर्दू अनुवादक एवं अन्य उर्दू कर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया है. उर्दू अनुवादक, सहायक उर्दू अनुवादक, निम्नवर्गीय उर्दू लिपिक और निम्नवर्गीय हिंदी लिपिक शामिल हैं।.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जब इस बात की समीक्षा की कि कितने पद सृजित हैं और कितने पर बहाली हुई है तो जानकारी मिली कि कुल स्वीकृत पद 2247 हैं जिसमें 1294 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.सभी स्वीकृत पदों पर जल्द ही बहाली होगी सभी व्यक्तियों को हिंदी और उर्दू के प्रयोग का अधिकार है.जैसे हिंदी है वैसे ही उर्दू है, दोनों को बराबर की स्वीकृति प्राप्त है.सरकार हिंदी के साथ-साथ उर्दू को बढ़ावा दे रही है.हिंदी के साथ उर्दू जानेंगे तो उनका ज्ञान बढ़ेगा.आप सभी जो नियुक्त हुए हैं अपनी जिम्मेवारी का बेहतर ढंग से निर्वहन करें और जहां रहें वहां लोगों को उर्दू भी सिखाएं .हिंदी के साथ उर्दू जानेंगे तो आपकी भाषा और बेहतर होगी.
सीएम ने कहा कि वर्ष 2008 में ही हमने कहा था कि सभी जगह उर्दू शिक्षकों के अलावा सभी स्वीकृत पदों पर बहाली की जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उर्दू को जान सकें.हमलोग चाहते हैं कि समाज में कोई विवाद नहीं हो.प्रेम, भाईचारे का भाव हमेशा बना रहे.हमलोग आपसी सौहार्द्र और मिल्लत की बात करते हैं.उर्दू जाननेवाले के अलावे बाकी जो लोग भी उर्दू जानने की इच्छा रखते हैं उन्हें भी उर्दू सिखाएं.नयी पीढ़ी को हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी की जानकारी होगी तो उनका ज्ञान बढ़ेगा.
आप सभी जानते हैं कि पहले मदरसों की क्या स्थिति थी? पहले 1128 स्वीकृत मदरसे थे, अब 1942 मदरसों को स्वीकृति दी गयी हैं.मदरसों में केवल उर्दू ही नहीं बल्कि सारी चीजों की जानकारी दीजिए.मदरसा शिक्षकों के वेतन के भुगतान के साथ-साथ मदरसों में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए भी सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है.मदरसा के शिक्षकों को पहले बहुत कम वेतन मिलता था.अब मदरसों में भी मान्यता प्राप्त शिक्षकों के बराबर पेमेंट दिया जाने लगा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार में आने के बाद हमलोगों ने सर्वे कराया था तो पता चला कि सबसे अधिक अल्पसंख्यक समाज और महादलित वर्ग के बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं.उसके बाद महादलितों के लिए उत्थान केंद्र और अल्पसंख्यक समाज के लिए तालिमी मरकज की शुरुआत करवायी जिससे सभी बच्चे-बच्चियां स्कूल जाने लगी.अब आधा प्रतिशत से भी कम बच्चे स्कूल से बाहर हैं.हमलोगों ने अल्पसंख्यक महिलाओं के उत्थान के लिए हुनर कार्यक्रम चलाया.इसमें सीखनेवाली महिलाओं के लिए सरकार ने टूल कीट्स खरीदने के लिए राशि उपलब्ध कराई.अब तक 1 लाख 13 हजार अल्पसंख्यक महिलाओं को इसके अंतर्गत काम सिखाया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड के लिए हमने काम किया.पटना विश्वविद्यालय में जब हम पढ़ते थे तो अंजुमन इस्लामिया हॉल की तरफ घूमने जाया करते थे.सरकार में आने के बाद भी जाते रहे हैं.अंजुमन इस्लामिया हॉल कितना सुंदर और कितना बढ़िया बन गया है आपलोग सब जाकर इसे देखिए .शिया वक्फ बोर्ड का पटना सिटी में हॉल बन रहा है, उसका भी निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण कराएं.सुन्नी वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड की भूमि पर बिहार के सभी जिलों में अल्पसंख्यकों के लिए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा.जल्द-से-जल्द जमीन उपलब्ध कराएं ताकि निर्माण कार्य पूरा हो सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं.वर्ष 2012-13 में अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना की शुरुआत की गई.मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के अंतर्गत वर्ष 2018 से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है. इसमें 5 लाख रुपये का अनुदान एवं 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं. वर्ष 2020 से अति पिछड़ों एवं सभी वर्ग की महिलाओं को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है.पिछड़ा वर्ग एवं सामान्य वर्ग के युवा उद्यमियों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है जिसमें से 5 लाख रुपये का अनुदान एवं 5 लाख रुपये पर 1 प्रतिशत ब्याजयुक्त ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सभी लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। इससे रोजगार सृजन भी होगा और लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी.उन्होंने कहा कि हम पिछड़े राज्य हैं .हमलोगों को विशेष राज्य का दर्जा मिल गया होता तो बिहार कितना आगे बढ़ गया होता.सभी पिछड़े राज्यों को विशेष दर्जा मिलना चाहिए

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो० जमा खान, सूचना एवं प्रावैधिकी मंत्री मो0 इसराईल मंसूरी, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी एवं मंत्रिमंडल सचिवालय सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ ने भी संबोधित किया.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को मंत्रिमंडल सचिवालय सह वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ ने शॉल देकर सम्मानित किया

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