छपरा: छपरा के इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रावास की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सोमवार को छात्र-छात्राओं ने एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज के एक कर्मचारी और एक सुरक्षा गार्ड आधी रात को गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में दाखिल हो गए। छात्राओं का कहना है कि इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और कमरे का सामान बाहर निकाल दिया गया। उनके अनुसार यह पूरा विवाद सिंगल रूम को डबल ऑक्यूपेंसी में बदलने के फैसले के बाद शुरू हुआ।
छात्राओं ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि गर्ल्स हॉस्टल में पुरुषों के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध है। यहां तक कि अभिभावकों को भी छात्राओं के कमरों तक जाने की अनुमति नहीं दी जाती। इसके बावजूद आधी रात को कर्मचारियों के हॉस्टल में प्रवेश करने के आरोप ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्राओं का कहना है कि इस घटना से हॉस्टल में रहने वाली सभी छात्राओं में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
कर्मचारी के खिलाफ लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उस पर पहले भी महिलाओं से जुड़े मामलों में शिकायतें हो चुकी हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। छात्रों का कहना है कि ऐसे आरोपों का सामना कर चुके व्यक्ति का छात्राओं के हॉस्टल में प्रवेश करना कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
मानसिक उत्पीड़न और लापरवाही का भी आरोप
छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न और लापरवाही के भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना के कमरे बदले जा रहे हैं, बीमार छात्राओं को समय पर आवश्यक सहायता नहीं मिलती और शिकायत करने पर निष्कासन या अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है। एक छात्रा ने आरोप लगाया कि तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली, जबकि कुछ शिक्षकों ने व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग किया। समाचार लिखे जाने तक कॉलेज प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

