समस्तीपुर: स्थानीय जिला मुख्यालय स्थित काशीपुर के +2 तिरहुत एकेडमी परीक्षा केंद्र पर चल रही बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की डीएलएड सत्र 2024-26 की परीक्षा के दौरान नकल का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां सोमवार को आयोजित हुई परीक्षा में तीन परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़े गए। जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान यह गड़बड़ी उजागर हुई, जिसके बाद केंद्राधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को परीक्षा से निष्कासित कर दिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए नगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जहां से बाद में उन्हें न्यायालय के आदेश पर जुर्माना भरकर छोड़ दिया गया।
वरीय उपसमाहर्ता के औचक निरीक्षण में खुली पोल
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की गाइडलाइंस के मुताबिक जिले भर में डीएलएड फेस-टू-फेस सत्र 2024-26 की परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं, लेकिन सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब वरीय उपसमाहर्ता अंजली कुमारी ने तिरहुत एकेडमी परीक्षा केंद्र का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परीक्षा कक्ष में तीन छात्र-छात्राएं धड़ल्ले से नकल करते हुए रंगे हाथ पकड़े गए, जिनकी इस हरकत की रिपोर्ट मिलते ही केंद्राधीक्षक अशोक कुमार साह ने बिना किसी विलंब के तीनों को तत्काल प्रभाव से आगामी सभी परीक्षाओं से निष्कासित कर दिया।
पुलिस हिरासत में सौंपे गए नकलची परीक्षार्थी
परीक्षा केंद्र से निष्कासित किए गए तीनों परीक्षार्थियों की पहचान नेहा कुमारी, मो. सरफराज अहमद और सोनम कुमारी के रूप में की गई है, जिन्हें नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया। केंद्राधीक्षक अशोक कुमार साह ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए नगर थाना पुलिस को लिखित शिकायत पत्र सौंपा और पकड़े गए तीनों नकलचियों को पुलिस अभिरक्षा में सौंपते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
एसडीओ कोर्ट के आदेश पर वसूला गया जुर्माना
नगर थाने के प्रभारी अजित प्रसाद सिंह ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्राधीक्षक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अनुमंडल पदाधिकारी यानी एसडीओ कोर्ट के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रत्येक परीक्षार्थी पर दो-दो हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना लगाया, जिसे जमा कराने के बाद उन्हें मुचलके पर रिहा कर दिया गया, जबकि परीक्षा बोर्ड ने भी उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी है।
परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने को प्रशासन सख्त
जिला प्रशासन ने इस घटना के बाद कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता, शुचिता और पारदर्शिता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। नकल माफियाओं और अनुचित साधनों का सहारा लेने वाले परीक्षार्थियों पर नकेल कसने के लिए जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

