Munger Garibrath : बिना फेंसिंग की रेलवे लाइन बनी पशुओं के लिए काल,गरीबरथ की चपेट में आई 6 भैंस

 

मुंगेर (रिपोर्टर-मनीष कुमार) मालदा रेल मंडल के भागलपुर-किऊल रेलखंड स्थित बरियारपुर-कल्याणपुर रेलवे स्टेशन के बीच नीरपुर गांव के पास Munger Garibrath गरीब रथ की चपेट  में आने से पांच पशुओं (भैंस)की मौत हो गई. अचानक हुई दुर्घटना के कारण थोड़ी देर के लिए रेल परिचालन रोका गया. करीब आधा घंटे तक अप लाइन का परिचालन बाधित रहा. सूचना के बाद रेलवे की पीडब्ल्यूआइ और रेल पुलिस की टीम पहुंची और ट्रैक पर पड़े पशुओं के शव को हटाकर परिचालन शुरू कराया.

Munger Garibrath बनी पशुओं के लिए काल

दरअसल मंगलवार शाम चार बजे भागलपुर से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन जमालपुर की ओर जा रही . गाडी संख्या 22405 अप गरीब रथ आनंद बिहार जा रही थी . इसी बीच अचानक नीरपुर गांव के पास भैंसों का झुंड ट्रैक से गुजर रहा था और ट्रेन की चपेट में आ गया. जब तक ड्राइवर ने ट्रेन को रोका दुर्घटना घट चुकी थी. आग बढ़ाकर ट्रेन को रोक गया. बरियारपुर स्टेशन के डिप्टी स्टेशन मास्टर पंकज कुमार सिंह ने बताया की  22405 अप गाडी के ड्राइवर ने जानकारी दी की कल्याणपुर रेलवे स्टेशन के बीच नीरपुर गांव के पास गाडी से रन ओवर हुआ है, जिसमे ट्रैन से कटकर छह पशुओ (भेस)की मौत हुई है.  उन्होंने कहा घटना शाम 4 बजकर 20 मिनट पर हुआ था जिसके बाद हमलोग पहुंचकर  गाडी के नीचे ट्रैक पर मरे सभी भैंसो को बाहर निकाला गया और उसके बाद परिचलान शुरू किया गया . उन्होंने कहा सभी मरे भैंस पास के गांव के ही है.

ये भी पढ़ें :-

Attack On Teacher : शिक्षक पर जानलेवा हमला कर मोटरसाइकल लूटकर भागे बदमाश

रेलवे अक्सर देती है ग्रामीणों के चेतावनी 

दरअसल ये पहला मामला नहीं है जब रेलवे लाइन पर इस तरह से जानवर कटे हैं . रेल लाइनों के आसपास फेंसिंग ना होने के कारण अक्सर इस तरह के हादसे होते हैं. यही कारण है कि रेलवे ने वंदेभारत ट्रेन के ट्रायल से पहले ही चेतावनी जारी की थी कि ट्रैक के आस पास रहने वाले लोग अपने मवेशियों का ध्यान रखें , नहीं तो दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं. दरसअल ऐसी जगहों , जहां ट्रेन की रफ्तार तेज होती है वहीं इस तरह की घटनाएं होती है. रेलवे लाइनों के आस पास कोई फेंसिंग ना होने के कारण पशु घास चरते चरते कई बार रेलवे ट्रैक पर आ जाते हैं या कई बार रेलवे ट्रैक से होकर ही क्रॉस करते हैं औऱ दुर्घनाओं का शिकार हो जाते हैं.ये सेब केवल इसलिए होता है क्योंकि रेलवे लाइन के आसपास कोई रुकावट नहीं होती है और  जानवर बेरोक टोक रेलट्रेक पर पहुंच जाते हैं

Latest news

Related news