रांची। विद्या भारती के राष्ट्रीय सचिव ब्रह्माजी राव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ग्रहण करने के मार्ग में अनेक चुनौतियां और बाधाएं आ सकती हैं, किंतु विद्यार्थियों को उनसे विचलित होने के बजाय दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश के युवाओं में असीम प्रतिभा और क्षमता मौजूद है, जिसका सही दिशा में सदुपयोग करके भारत को वैश्विक पटल पर एक सशक्त, समृद्ध और उन्नत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जा सकता है। पलाश ऑडिटोरियम में आयोजित उर्सुलाइन कॉन्वेंट एल्युमिनाई मिलन समारोह के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षित नागरिकों का यह नैतिक दायित्व है कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश के विकास और गौरव को बढ़ाने में करें।
वर्तमान शिक्षा में देशभक्ति और नागरिक कर्तव्यों के समावेशन पर दिया विशेष जोर
अपने संबोधन में ब्रह्माजी राव ने वर्तमान शैक्षणिक व्यवस्था के संदर्भ में बात करते हुए कहा कि आज शिक्षा में देशभक्ति और नैतिक मूल्यों का समावेशन अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि आमतौर पर लोग अपने अधिकारों की मांग तो तत्परता से करते हैं, लेकिन जब देश और समाज के प्रति कर्तव्यों की बात आती है तो उस पर अपेक्षित चर्चा नहीं होती। उन्होंने युवाओं और उपस्थित प्रबुद्ध जनों से आग्रह किया कि परिवार, समाज, राष्ट्र और संपूर्ण विश्व के प्रति अपने दायित्वों को समझना और उनका निष्ठापूर्वक पालन करना ही एक समृद्ध और सशक्त समाज की वास्तविक आधारशिला है।
मेयर रोशनी खलखो ने बच्चों के सर्वांगीण विकास और अनुशासन में माता-पिता की भूमिका को बताया अहम
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि और रांची की मेयर रोशनी खलखो ने बच्चों के मार्गदर्शन और व्यक्तित्व निर्माण में अभिभावकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे की सफलता के पीछे उसके माता-पिता, विशेषकर मां का त्याग और मार्गदर्शन सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन अपनाने का परामर्श दिया और कहा कि विपरीत परिस्थितियों से हार मानने के बजाय धैर्यपूर्वक उनका समाधान खोजकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है।
22 स्कूलों के शीर्ष पांच मेधावी छात्रों को मिला सम्मान, शिक्षा जगत की प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह में रांची के उर्सुलाइन स्कूल, गुरुनानक स्कूल और केरली स्कूल सहित शहर के 22 प्रमुख शिक्षण संस्थानों के लगभग 200 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन विद्यार्थियों को प्रदान किया गया जिन्होंने अपनी-अपनी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में अपने विद्यालयों में शीर्ष पांच स्थानों में जगह बनाई थी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्था की डॉ. अर्चना शर्मा, सना आनम, डॉ. ममता आर्या, उत्तरा मुखर्जी, मुदिता मिश्रा, राजमनी कुमारी और ममता अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों और शिक्षाविदों का सराहनीय योगदान रहा।

