Monday, June 17, 2024

बेंगलुरु: आफत की बारिश में कार नहीं ट्रैक्टर बना स्टार्ट अप के CEO, CFO की सवारी

बेंगलुरु में रविवार रात से लगातार हो रही बारिश ने खुद को भारत की सिलिकॉन सिटी कहलवाने वाले शहर को घुटनों पर ला दिया. जगह-जगह से जल भराव की तस्वीरें सामने आई. बेंगलुरु की सड़कें तालाब बन गई हैं और लोगों को अपने ऑफिस जाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ रहा है. कई कंपनियों ने तो अपने कर्मचारियों को अगर संभव हो तो ऑफिस आने से बचने के लिए कहा है. बारिश से 2 लोगों ने अपनी जान गवां दी है. एक मजदूर की मैनहोल में गिरने से मौत हो चुकी है,जबकि एक महिला जो अपने स्कूटर के साथ पानी में फंस गई थी उसकी करंट लगने से मौत हो गई है. शहर के 75 इलाके पानी में डूबे हैं और बाढ़ग्रसित करीब 2000 घरों के लोगों को विस्थापित होना पड़ा है. बारिश के चलते करीब 20,000 वाहन खराब हो चुके हैं. इस बीच बेंगलुरु को देश का सबसे ज्यादा टैक्स भरने वाला शहर बनाने के लिए जिम्मेदार स्टार्ट-अप के मालिकों की ऐसी तस्वीरें और अनुभव सामने आए कि उन्हें देखकर कोई भी सोचने पर मजबूर हो जाये कि जब कंपनियों के सीइओ का हाल बेहाल है तो कर्मचारियों का क्या हाल होगा.

होमिजाइज़ के CEO परिवार समेत ट्रैक्टर पर सवार हो घर से निकले

सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है. वीडियो है होमिजाइज़ टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सीईओ और उनके परिवार का. वीडियो में देखा जा सकता है कि कंपनी के CEO अपने परिवार को बाढ़ से बचाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा ले रहे हैं. उन्होंने बाढ़ प्रभावित अपना घर छोड़ दिया है और ट्रैक्टर पर सामान लादकर जाते नजर आ रहे हैं. स्टार्टअप के फाउंडर और सीईओ विनोद कौशिक ने अपने परिवार के लोगों के साथ घर छोड़ दिया है. वह ट्रैक्टर पर अपना सामान और दो कुत्तों के साथ रवाना होते हुए नजर आए.


UpGrad के CEO अर्जुन मोहन ट्रैक्टर पर पहुंचे ऑफिस
EdTech कंपनी UpGrad के CEO अर्जुन मोहन ने सोशल मीडिया पर बताया कि वह बाढ़ के बीच ट्रैक्टर से अपने ऑफिस कैसे पहुंचे हैं. अर्जुन मोहन ने लिंकडेन पर एक पोस्ट के जरिए यह कहानी साझा की है. अर्जुन ने अपने पोस्ट में बैंगलोर नगरपालिका पर भी तंज कसा है. उन्होंने लिखा कि “बेलंदूर और आउटर रिंग रोड के इलाके में पूरा पानी भरा है. अपार्टमेंट में पानी और बिजली दोनों नहीं है. मुझे ऑफिस पहुंचने के लिए पहले 7 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा. फिर ट्रैक्टर और बाइक से लिफ्ट लेकर मैं यहां पहुंचा हूं. आज का दिन काफी साहसिक दिन रहा. ऐसा लगता है कि बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) और कर्नाटक सरकार ने हमें चलने के साथ स्वस्थ रखने के लिए सब कुछ करने का फैसला किया है. बेलंदूर में दुनिया की कुछ सबसे बड़ी टेक कंपनियां स्थित है. यहां देश के सर्वश्रेष्ठ कोडर्स के साथ उनका भारतीय मुख्यालय स्थित है. साथ ही यह क्षेत्र भारत के सॉफ्टवेयर निर्यात में दोहरे अंकों के प्रतिशत में योगदान देता है. यह भारत में उत्पाद कंपनियों के लिए सबसे तेजी से बढ़ते समूहों में से एक है.”

Unacademy के फाउंडर गौरव मुंजाल की आपबीती
बंगलुरु के पॉश इलाके की जलमग्न सोसाइटी में Unacademy के फाउंडर गौरव मुंजाल की फैमिली फंस गई थी. बिगड़े हालात में गौरव मुंजाल की फैमिली को ट्रैक्टर से रेस्क्यू करना पड़ा है. गौरव ने खुद एक वीडियो ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.
गौरव मुंजाल ने लिखा है- “मेरे परिवार और पेट डॉग एल्बस को एक ट्रैक्टर से बाहर निकाला गया है.सोसाइटी जलमग्न हो चुका है, चीजें खराब हैं. कृपया ध्यान रखें. मुंजाल आगे कहते हैं कि अगर आपको किसी मदद की जरूरत है तो मुझे डायरेक्ट मैसेज करें, मैं मदद करने की पूरी कोशिश करूंगा”


ये तो सिर्फ तीन सीईओ की बात थी ऐसे कई कर्मचारी और स्टार्टअप के मालिक है जो इस आफत की बारिश में किसी न किसी तरह फंस गए. सभी का अनुभव अलग-अलग रहा लेकिन सब ने एक बात महसूस की कि लाखों का टैक्स भरने के बावजूद ना तो  नगर पालिका और न सरकार , कोई उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया. उन्हें खुद अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा और सुविधा तलाशनी पड़ी.

Latest news

Related news