Tuesday, June 18, 2024

लोन को लेकर ट्रेंड हुए अडानी, खूब उड़ाया जा रहा है मज़ाक

गौतम अडानी और उनका ग्रुप सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हो रहा है. इस बार अडानी ग्रुप के चर्चा की वजह है उनका भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई से मांगा गया 14,000 करोड़ रुपये का लोन. जी हां दुनिया के तीसरे सबसे अमीर आदमी गौतम अडानी ने एसबीआई बैंक से गुजरात के मुंद्रा में एक नया प्लांट बनाने के लिए 14,000 करोड़ रुपये उधार मांगे हैं. अडानी समूह के प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 19,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. ख़बर है कि अडानी समूह ने ये लोन 15 साल के लिए मांगा है. बताया ये भी जा रहा है कि एसबीआई 15 साल के लोन की रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहा है. यानी लोन जल्द दिया जा सकता है.
लोन कि इसी मांग और एसबीआई की तैयारी की चर्चा को लेकर लोग सोशल मीडिया पर ट्वीट कर रहे हैं. कोई एसबीआई का मज़ाक बना रहा है तो कोई चिंता जता रहा है. Bhartiy niveshak नाम के यूज़र ने एक कार्टून पोस्ट करते हुए लिखा है- व्यापार करने को आसान बनाने की नीति को बेहतर बनाने के लिए अडानी ने तय किया है कि वो एसबीआई से 5 लाख करोड़ का लोन लेकर एसबीआई को खरीदेंगे.


इसी तरह एक दूसरे यूजर पंकज सराफ ने अदानी के दुनिया के तीसरे सबसे अमीर बनने की खबर को टैग करते हुए लिखा है – अडानी कैपिटल दूसरों को लोन देता है और अडानी खुद एसबीआई से लोन मांग रहे हैं.


ऐसे ही सेलविन संग्यम नाम के एक और यूज़र ने भी दुनिया के तीन सबसे अमीर लोगों में गौतम अडानी के शामिल होने की ख़बर को टैग करते हुए लिखा है- देश की कुछ और सरकारी क्षेत्र की कंपनियां अडानी को एसबीआई के मुफ्त लोन के ज़रिए बेची जाएंगी और फिर अडानी दुनिया के सबसे अमीर शख्स होंगे.


कुछ यूजर्स ने अडानी ग्रुप को लोन दिए जाने पर आपत्ति जताते हुए भी पोस्ट किए है. प्रोफेसर सुबोध कुमार मेहता नाम के यूजर ने लिया है- “अडानी समूह बहुत अधिक लाभ उठा रहा है” – फिच ग्रुप फर्म की रिपोर्ट. जाहिर तौर पर मोदी सरकार के सांठगांठ वाले पूंजीवाद के कारण अदानी समूह को जितना पच सकता है, उससे ज्यादा चबाने की इजाज़त दी गई है! अकेले SBI ने उसे पिछले साल ₹19000 करोड़ का कुल कर्ज दिया था, कुल कर्ज”


इतना ही नहीं कुछ यूज़र वित मंत्री निर्मला सीतारमन पर भी निशाना साध रहे हैं और मज़ाक उड़ा रहे हैं कि अडानी ग्रुप का लोन जब बैड लोन हो जाएगा तो बैंक को बचाने वित मंत्री जनता पर लोन रिकवरी सेस लगा देंगी. आपको बता दें इसी साल मार्च में अडानी समूह ने एसबीआई से नवी मुंबई में एक ग्रीनफील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की परियोजना के लिए 12,770 करोड़ रुपये का लोन भी हासिल किया था. समूह की एक अन्य सहायक कंपनी नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (NMIAL) द्वारा यह लोन लिया गया था.
कर्ज में डूबा हुआ है अडानी ग्रुप
वैसे तो अडानी समूह के मालिक गौतम अडानी भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस हैं. इस साल गौतम अडानी की कंपनियों के शेयर्स में भी काफी तेजी आई है. अडानी जहां हाथ डालते हैं लोगों में वहां अपना पैसा लगाने की होड़ लग जाती है. जैसे हाल ही में अडानी ग्रुप के एनडीटीवी इंडिया को खरीदने की खबर के बाद हुआ. लेकिन अगर आपने भी अडानी ग्रुप की कंपनियों में पैसा लगाया है तो जान लीजिए फिच समूह की यूनिट क्रेडिटसाइट्स (CreditSights) की हाल में आई एक रिपोर्ट में यह कहा गया है कि अडानी ग्रुप ने ‘काफी ज्यादा’ कर्ज लिया हुआ है. ग्रुप इस लोन का उपयोग अपने मौजूदा और नए कारोबार में आक्रामक तरीके से निवेश करने के लिए कर रहा है. क्रेडिटसाइट्स ने रिपोर्ट में कहा कि स्थिति बिगड़ने पर ग्रुप की एक या एक से अधिक कंपनियों के लिए संकटपूर्ण या डिफॉल्ट की स्थिति पैदा हो सकती है.
अडानी ग्रुप पर कितना है कर्ज
क्रेडिटसाइट्स की रिपोर्ट के अनुसार अडानी समूह की घरेलू शेयर बाजार में छह सूचीबद्ध कंपनियां हैं और इसके समूह की कुछ संस्थाओं के पास अमेरिकी डॉलर बॉन्ड को लेकर बकाया भी है. समूह की इन छह सूचीबद्ध कंपनियों के ऊपर 2021-22 में 2,309 अरब रुपये का कर्ज था. समूह के पास उपलब्ध नकदी को निकालने के बाद शुद्ध रूप से कर्ज 1,729 अरब रुपये बैठता है.
क्रेडिटसाइट्स ने कहा कि इससे पूरे समूह के बारे में चिंता उत्पन्न हुई है. उसने कहा कि समूह मुख्य रूप से कर्ज के आधार पर जिस तरीके से आक्रामक रूप से विस्तार कर रहा है, वह सतर्कता के साथ उसपर नजर रखे हुए हैं. आपको बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा समूह के बाद अडानी ग्रुप देश में तीसरा सबसे बड़ा उद्योग समूह है. इसका कुल बाजार पूंजीकरण 200 अरब डॉलर से अधिक है.

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