2008 जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामले मेंं 17 साल बाद 4 आरोपियों को आजावीन कारावास, ब्लास्ट में गई थी 71 लोगों की जान

2008 Jaipur Serial Blasts : जयपुर में 2008 में हुए सीरियल ब्लास्ट मामले में 17 साल के बाद आज फैसला आया है जिसमें 4 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. जयपुर की अदालत ने ब्लास्ट से पहले  जिंदा बम रखने के मामले में 4 आरोपियों सरवर आज़मी, सैफुर रहमान, मोहम्मद सैफ और शाहबाज अहमद को दोषी करार दिया था और आज इसी मामले में सजा के तौर पर इन चारों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है.

2008 Jaipur Serial Blasts : 17 साल बाद आया फैसला  

4 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई पूरी हुई थी जिसके बाद साक्ष्यों के आधार पर जस्टिस रमेश जोशी ने चारों आरोपियों सरवर आज़मी, सैफुर रहमान, मोहम्मद सैफ और शाहबाज अहमद को दोषी करार दिया था. साल 2008 में जयपुर शहर में एक के बाद एक कई धमाके हुए थे जिसमें 71 लोगों की मौत हुई थी और 185 से ज्यादा लोग बुरी तरह से घायल हुए थे. इस मामले में 7 अप्रैल को जयपुर की अदालत ने 17 साल के बाद सजा का ऐलान किया है. सजा के ऐलान के बाद ब्लास्ट पीडितों और उनके परिजनों ने बड़ी राहत की सांस ली है.

13 मई 2008 को हुए थे 8 बम ब्लास्ट 

जयपुर में ये ब्लास्ट 13 मई 2008 को शाम के समय हुआ था, जब शाम 7 बजकर 20 मिनट से लेकर 7 बजकर 45 मिनट के बीच कई शहर के अलग अलग इलाकों में एक के बाद एक कई ब्लास्ट हुए. ये सभी ब्लास्ट 15 मिनट के अंदर ही हो गये. इस दौरान केवल एक  जिंदा बम चांदपोल हनुमान मंदिर के पास मिला था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया था.

इंडियन मुजाहुद्दीन ने साइकिल बम से किये थे विस्फोट 

इस समय इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिद्दीन ने लिया था . सभी ब्लास्ट साइकिल बम से किये गये थे. जयपुर में ब्लास्ट के लिए इंडियन मुजाहिद्दीन ने नये तरीके का इस्तेमाल किया था, जिसमें शहर के भीड़ भाड़ वाले इलाकों में साईकिल के उपर बम लगा कर धमाका कर दिया था. मामले की जांच कर रही एटीएस के मुताबिक हमले को अंजाम देने के लिए 12 आंतंकी दिल्ली से जयपुर एक बस में सवार होकर आये थे. आतंकवादियों नेपूरे शहर के 9 स्थानों पर बम लगाया था. साइकिल पर बम लहाकर टाइमर लगा कर सभी आतंकी शताब्दी ट्रेन के जरिये दिल्ली लौट गये. फिर निर्धारित समय पर एक एक कर 8 बम फट गये, पूरे शहर में हाहाकरा मच गया. केवल एक बम जो बड़े हनुमान जी के मंदिर के पास लगाया गया था वो नहीं फटा. इस जिंदा बम को सुरक्षा एजेंसियों ने निष्क्रिय कर दिया था.

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