Rameswaram Sea Bridge : रामनवमी के शुभ मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने आज रामेश्वरम में पंबन पुल का उद्घाटन किया. ये पुल तमिलनाडु में मंडपम रेलवे स्टेशन को रामेश्वरम को रेलवे स्टेशन को जोड़ता है. ये देश का पहला वर्टिकल सस्पेंशन ब्रिज है. इस ब्रिज की लंबाई 2.07 किलोमीटर है. बताया जा रहा है कि इस पुल पर अगले 100 सालों कर 80 किलमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से रेलगाडियां चल सकेंगी.
PM @narendramodi inaugurates New Pamban Bridge, India’s first vertical lift sea bridge, on Ram Navami.
The project will improve rail connectivity between mainland India and Rameswaram.#NewPambanBridge #RamNavami @AshwiniVaishnaw pic.twitter.com/Lwn5MM45f0
— SansadTV (@sansad_tv) April 6, 2025
Rameswaram Sea Bridge का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
समुद्र के उपर बनने वाले इस पंबन पुल का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में किया था. ये पुल 5 वर्षों में बनकर तैयार हुआ है. इस पुल के बनाने में 535 करोड़ रुपये की लागत आई है.
क्या है इस पंबन पुल की खासियत
2.07 किलोमीटर लंबा यह पंबन पुल कई तरह से खास है. इस पुल में 18.3 मीटर के 99 स्पैन और 72.5 मीटर का एक वर्टिकल लिफ्ट स्पैन लगा है. ये पुल पुराने पुल से 3 मीटर ऊंचा है. पुल की उंचाई बढने का बाद अब बड़े जहाज भी आसानी से गुजर सकेंगे. समुद्र के उपर बने इस पुल में अत्याधुनिक एंटी-कोरोजन तकनीक, पॉलीसिलॉक्सेन पेंट, उन्नत स्टेनलेस स्टील और फाइबर रिइंफोर्स्ड प्लास्टिक का उपयोग किया गया है ताकि ये पुल लंबे समय तक टिकाऊ रहे. इस पुल में जिस तरह से तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, उसने भारत की डिजाइन और सर्टिफिकेशन में तकनीकी की श्रेष्ठता को साबित किया है.
इस पुल में खास तकनीक इस तरह से इसेतमाल किया गया है ताकि अगर कोई बड़ा जहाज आये तो इसके लिए पुल बीच से खुल जाएगा. जब जरुरत होगी तब केवल 5 मिनट में इसे खोला जा सकेगा और 3 मिनट में बंद किया जा सकेगा. रामेश्वरम का ये पुल भारतीय तकनीक की श्रेष्ठता का बड़ा उदाहारण है. प्रधानमंत्री मोदी ने पुल का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने रामेश्वरम के रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना की.

