भोपाल,21 मार्च : विधानसभा में गुरुवार को परिवहन घोटाले Transport Scam की गूंज रही. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने ध्यानाकर्षण के जरिए इस मुद्दे को उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन चौकियों और टोल नाकों से वसूली जारी है. पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा और अन्य को गिरफ्तार किया गया. इसमें शामिल बड़े भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। सरकार मगरमच्छों को क्यों बचा रही है? जांच एजेंसियां यह पता नहीं लगा पाईं कि कार में मिला 52 किलो सोना किसका था? सिंघार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की. कहा- एजेंसियां दबाव में हैं. विपक्ष सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा रहा. सरकार से अनुशंसा करने की मांग की. मांग पूरी नहीं होने पर विपक्ष वेल में आकर नारेबाजी की, फिर वॉकआउट कर दिया. संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय विपक्ष के आरोपों पर आपत्ति जताते रहे. कहा- लोकायुक्त पर आरोप नहीं लगाए जा सकते।
Transport Scam पर विपक्ष मांग रहा जवाब
क्या परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता को हटाना ही काफी था? उनके खिलाफ जांच क्यों नहीं की गई? जो डायरी मिली है, उसमें पूर्व परिवहन मंत्री के ओएसडी दशरथ पटेल के हस्ताक्षर हैं, इसकी जांच हो सकती है। अगर पैसा प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई का है, तो सच सामने आना चाहिए।
सोना और कैश किसका है
डायरी के जो पन्ने वायरल हुए, क्या सरकार ने जांच की कि किसके हस्ताक्षर हैं? प्रदेश की जनता को पता होना चाहिए कि सोना किसका है, कैश किसका है। हालांकि परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि लोकायुक्त को जांच में कोई डायरी नहीं मिली है। इस संबंध में परिवहन विभाग के तत्कालीन एसीएस से जानकारी मांगी जानी चाहिए थी। इनोवा कार का नंबर है। फार्म हाउस है, सोना है, सबकुछ है, लेकिन किसका है? यह पुलिस नहीं बता रही है।
कैलाश ने कहा, हम लोकायुक्त से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं। हम ऐसे मामले पर सवाल नहीं उठा सकते जो विचाराधीन हो। इस पर उमंग ने कहा, अगर लोकायुक्त सोना और नकदी की जांच करते तो आयकर बीच में नहीं आता। लोकायुक्त ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की। हम चाहते हैं कि सीबीआई सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच करे।
Transport Scam – मंत्री की सिफारिश पर सौरभ की नियुक्ति
कटारे ने कहा, उनके एक सवाल पर उन्हें बताया गया कि परिवहन मंत्री ने 2016 में सौरभ शर्मा (सौरभ शर्मा केस) की अनुकंपा नियुक्ति के लिए पत्र लिखा था। यह पत्र खुद मंत्री ने लिखा था, जबकि उनकी राय नहीं मांगी गई थी। कटारे ने कहा कि सौरभ पैसे ऐंठने का काम करता था। वह सत्य प्रकाश, फिर राजेंद्र सेंगर और फिर मंत्री के संपर्क में आया। सौरभ शर्मा को फर्जी अनुकंपा नियुक्ति देने वाले और जिसकी नोटशीट पर दी गई, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परिवहन मंत्री उदय प्रताप ने कहा, अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया में कोई गलती नहीं है।
जब्त वाहन की लाइव लोकेशन निकाली जाए – Transport Scam
कटारे ने कहा कि पूरे शहर में कैमरे लगे हैं, कार में 52 किलो सोना मिला। यदि उस कार की लाइव लोकेशन ट्रेस की जाती तो सब कुछ सामने आ जाता। जांच एजेंसी ने ऐसा नहीं किया। आखिर किसे बचाया जा रहा है? उन्होंने पूर्व मंत्री के बारे में बात की तो मंत्री कैलाश ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आरोप लगाने से पहले जानकारी दी जानी चाहिए थी। इस पर कटारे ने कहा कि वे किसी का नाम नहीं ले रहे हैं। फिर अपने बयान को सही करते हुए उन्होंने कहा- सुरखी के एक और खुरई के एक व्यक्ति की आय अचानक बढ़ गई। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर कहा कि यह ध्यानाकर्षण का विषय नहीं है। तब अध्यक्ष ने निर्णय दिया कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव से संबंधित मुद्दे पर ही चर्चा होगी।
सुप्रीम कोर्ट का अपमान करने का आरोप
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान उमंग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि सदस्यों को सदन में खुलकर अपनी बात रखने का अधिकार है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही संचालन प्रक्रिया से चलती है। यह सुप्रीम कोर्ट से नहीं चलता है। इस टिप्पणी पर सिंघार ने कहा कि ऐसा कहकर मंत्री सुप्रीम कोर्ट का अपमान कर रहे हैं। इसके बाद सदन में हंगामा और शोर बढ़ गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
सांकेतिक सोने के बिस्किट दिखाए
सिंघार और कटारे ने सांकेतिक रूप से सोने के बिस्किट दिखाए। कटारे जब सदन में बिस्किट दिखाकर अपनी बात कह रहे थे, तो भाजपा सदस्यों ने पूछा कि क्या यह असली है? इस पर कटारे ने कहा कि असली तो आप लोगों के पास है, यह नकली है। इसके बाद सिंघार ने कहा कि जिन अफसरों ने जनता का पैसा लूटा है, अवैध वसूली की है, उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए।
सौरभ का हलफनामा गलत, केस दर्ज होगा: मंत्री
सरकार की ओर से परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि एजेंसियां स्वतंत्र हैं। वे जांच कर रही हैं। एजेंसियों की जांच में कई तरह के भ्रष्टाचार सामने आए हैं। दोषी लोग जेल में हैं, इसलिए जांच पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। मंत्री ने कहा कि सौरभ की अनुकंपा नियुक्ति नियमानुसार हुई है, इसमें संदेह की बात नहीं है। अब जब जांच में पाया गया कि उनका हलफनामा गलत है तो 3 मार्च को पुलिस को मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा गया। मंत्री ने कहा, सौरभ ने वीआरएस ले लिया, इसलिए वह विभाग की सीधी कार्रवाई के दायरे में नहीं आ रहे थे। 1 जुलाई 2024 से सभी परिवहन चेक पोस्ट बंद कर दिए गए हैं। वाहन चेकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू कर दी गई है।

