Chhattisgarh flower Cultivation : दंतेवाड़ा में नक्सलियों की बंदूक की जगह खेतों में खिले मिलेंगें फूल, महिलाओं के लिए सरकार की बड़ी पहल

Chhattisgarh flower Cultivation,रायपुर : देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा क्षेत्र का नाम ज्यादातर नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता है. दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ के सबसे अधिक नक्सल प्रभवित जिलों में से एक है. उसी दंतेवाड़ा में छत्तीसगढ़ सरकार ने द्वारा स्वयं सहायता समूह के सयहोग से एक बड़ा प्रयास शुरु किया है. दंतेवाड़ा में दीदीयों को फूलों की खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि यहां की दीदीयां प्राकृतिक रुप से धनी क्षेत्र में  फूलों की खेती करके अपने लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बना सकती हैं.

Chhattisgarh flower Cultivation

फूलों का उपयोग अपने घर, मंदिरों, शादी एवं सजावट सहित अन्य कार्यों के लिए किया जाता है. फूल श्रद्धा और भावना का प्रतीक हैं. अपने  घरों के बगीचे, गार्डन, गमलों में भी अलग-अलग फूल लगाएं जाते हैं. सुबह-सुबह सुंदर और सुगंधित फूल देखकर मन आनंदित हो जाता है. दूरस्थ वनांचल क्षेत्र की महिलाओं को फूलों के खेती के प्रति प्रेरित करना और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उद्यान विभाग द्वारा निःशुल्क पौधे भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं. दंतेवाड़ा जिले की स्व-सहायता समूह की 45 दीदियां मिलकर लगभग 4 एकड़ खेत में फूलों की खेती कर आगे बढ़ रही हैं.

ग्रामों की दीदियों को दिया गया प्रशिक्षण

जिला प्रशासन और बिहान योजना अंतर्गत जिले के महिला स्व सहायता समूह की दीदियों को फूलों की खेती करने के लिए उद्यान विभाग द्वारा प्रशिक्षण दिया गया है. यह प्रशिक्षण जिला दंतेवाड़ा के गाँव तुड़पारास, भोगाम, भैरमबंद में दीदियों को दिया गया. फूल उत्पादन के पश्चात महिला समूहों द्वारा फूलों से माला एवं गुलदस्ते बना कर माँ दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा के प्रांगण में विक्रय किया जाएगा, ताकि वे अच्छी खेती करके मुनाफा कमा कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें. दंतेवाड़ा के उद्यानिकी विभाग और सीएसआईआर राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ के डायरेक्टर अजीत शासनी के मार्गदर्शन में महिला समूह की दीदियों को  विभिन्न प्रकार के फूलों के 60 हजार पौधे वितरण किये गये हैं.

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