Sagar wall collapse : मध्यप्रदेश के सागर जिले के शाहपुर कस्बे में दीवार ढहने के कारण 9 बच्चों की मौत की घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कड़ी कार्रवाई की है. मुख्यमंत्री यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सागर जिले के जिलाधिकारी और एसपी को स्थांतरित करने के निर्देश दिए . सीएम के आदेश के साथ ही दोनो अधिकारियों को तत्काल हटा दिया गया है. इस कार्रवाई की जानकारी खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिख कर दी .
Sagar wall collapse पर सीएम यादव ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा
‘आज सागर जिले के शाहपुर में हुई मासूमों की मृत्यु की दुःखद घटना को गंभीरता से लेते हुए जिले के कलेक्टर, एसपी एवं एसडीएम (सागर) को हटाने हेतु निर्देशित किया है. साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शाहपुर में पदस्थ डॉ. हरिओम बंसल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है. मानसून पूर्व भी प्रदेश के सभी अधिकारियों को निर्देशित किया था, पुनः सभी को निर्देशित कर रहा हु कि इस तरह की घटनाओं के प्रति संवेदनशील रहे, उपयुक्त उपाय और तत्परता से काम करे, भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो.
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अधिकारियों का स्थांतरण
सीएम मोहन यादव के निर्देश के बाद सागर जिले के कलेक्टर दीपक आर्य को स्थांतरित करके उन्हें उप सचिव मध्यप्रदेश शासन के पद पर भेजा गया है. दीपर आर्य के स्थान पर छतरपुर के कलेक्टर संदीप जीआर को सागर जिले का कलेक्टर बनाया गया है. छिंदवाड़ा में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर तैनात पार्थ जायसवाल को छतरपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है.
सागर के एसपी अभिषेक तिवारी को सागर से हटाकर उन्हें सहायक पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय भोपाल (Assistant Inspector General of Police, Police Headquarters, Bhopal) में पदस्थापित किया गया है. अभिषेक तिवारी के स्थान पर सागर में रायसेन के एसपी विकास कुमार सहवाल को नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.
मिट्टी से शिवलिंग बनाते बच्चों पर गिरी थी दीवार
सागर जिले के शाहपुर में मौजूद हरदौल मंदिर परिसर से लगी दीवार अचानक रविवार को भरभरा कर गिर गई. दीवार के नीचे जमा की बच्चे इस दीवर के मलबे के नीचे दब गये . घटना में 9 बच्चों की मौत हो गई. यहां मंदिर में भागवत कथा का आयोजन चल रहा है और लोग सावन के महीने में यहां मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण करते हैं. यहां मौजूद लोग सुबह से ही मिट्टी से शिवलिंग बना रहे थे. रविवार को भीभागवत कथा जारी थी और यहां मिट्टी से शिवलिंग बनाने के लिए 8 से 14 साल के कई बच्चे जमा थे. बच्चे जब यहां शिवलिंग बना ही रहे थे, तभी अचानक मंदिर परिसर के पास की करीब पचास साल पुरानी कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई औऱ वहां शिंवलिंग बना रहे बच्चे मिट्टी के अंदर दब कर काल के गाल में समा गये.
बाद मे घटना का जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अफसरों की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की बात कही और मृतक बच्चो के परिजनों के 4-4 लाख रुपये देने का ऐलान किया.
स्थानीय लोगों के मुताबिक पचास साल पुरानी मिटटी की दीवार जर्जर हालत में थी और बारिश के मौसम में लगातार खतरा बनी हुई थी, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यहां धार्मिक आयोजन होन के बावजूद किसी तरह की सतर्कता नहीं बरती गई और 9 बच्चे अकाल मृत्यू के शिकार हो गये .

