ग्लोबल हंगर इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
भारत सरकार की तरफ से जारी एक बयान मे कहा गया है कि
“एक ऐसे राष्ट्र के रूप में भारत की छवि को धूमिल या कलंकित करने के लिए निरंतर किया जा रहा कुटिल प्रयास एक बार फिर स्पष्ट नजर आ रहा है जो अपनी आबादी की खाद्य सुरक्षा और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है.ऐसा प्रतीत होता है कि गलत सूचना फैलाना ही हर साल जारी किए जाने वाले ‘वैश्विक भुखमरी सूचकांक’ का विशिष्ट उद्देश्य है. कन्सर्न वर्ल्डवाइड और वेल्ट हंगर हिल्फे, जो कि क्रमशः आयरलैंड और जर्मनी के गैर-सरकारी संगठन हैं, द्वारा जारी ‘वैश्विक भुखमरी रिपोर्ट 2022’ में भारत को 121 देशों में काफी नीचे 107वीं रैकिंग दी गई है। यह सूचकांक दरअसल भुखमरी का एक गलत पैमाना है और इसमें ढेर सारी गंभीर पद्धतिपरक कमियां हैं. इस सूचकांक की गणना के लिए उपयोग किए जाने वाले चार संकेतकों में से तीन संकेतक दरअसल बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित हैं,अत: ये निश्चित रूप से पूरी आबादी के स्वास्थ्य को नहीं दर्शा सकते हैं. अल्पपोषित आबादी के अनुपात (पीओयू) का चौथा और सबसे महत्वपूर्ण संकेतक अनुमान दरअसल सिर्फ 3000 प्रतिभागियों के बहुत छोटे नमूने पर किए गए एक ओपिनियन पोल पर आधारित है.
गौरतलब है कि आयरलैंड की कन्सर्न वर्ल्डवाइड और जर्मनी की वेल्ट हंगर हिल्फे नाम की गैरसरकरी संस्था हर साल वैश्विक स्तर पर भोजन की उपलब्धता को रेखांकित करने के लिए ग्लोबल हंगर इंडेक्स जारी करती है. 2022 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति चिंताजनक(critical) बताई गई है. GHI में भारत को खाद्य उपलब्धता के मामले में नेताल और पाकिस्तान से भी नीचे दिखाया गया है. 121 देशो में भारत की रैंकिंग 107 बताई गई है.
भारत सरकार ने इस रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे निहायत अवैज्ञानिक और भारत की छवि को धूमिल करने वाला बताया है.
भारत सरकार की महिला एंव बाल विकास ने एक मीडिया में एक बयान जारी किया है जिसमे ये बातें कही गई हैं
वैश्विक भुखमरी रिपोर्ट 2022- यह सूचकांक भुखमरी का एक गलत पैमाना है और इसमें कई गंभीर पद्धतिपरक कमियां हैं https://t.co/hhuHJBw3cm #GlobalHungerIndex
— THEBHARATNOW (@thebharatnow) October 15, 2022

