Cucumber Farming: गर्मी के मौसम में तेज धूप और गर्मी की वजह से शरीर में काफी मात्रा में पानी की जरूरत होती है. ऐसे में रसदार फल और सब्जियों को डिमांड काफी ज्यादा बढ़ जाती है. गर्मी में खीरा सभी लोगो का खाना बहुत पसंद है. इसे हम सलाद में ज्यादातर खाते ही हैं. वैसे तो खीरे की डिमांड साल भर रहती है. खीरे की डिमांड को देखते हुए खीरे की खेती करना किसानो के लिए फायदेमंद और बड़ा मुनाफा वाला सौदा साबित हो सकता है. आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे आप खीरे की खेती से अच्छा कम सकते हैं और खीरे की खेती कैसे की जाती है.
खीरे की बुआई मैदानी क्षेत्रों ममें दो बार की जाती है. गर्मी में इसकी बुआई फरवरी से मार्च तक की जाती है. वहीं बरसात के लिए जून या जुलाई में की जाती है. खीरे की खेती के लिए 32 से 40 डिग्री सेल्सियस तक तापमान सही माना जाता है. वहीं ज्यादा तापमान या अधिक बारिश होने से इसमें रोगों और कीटों की समस्या बढ़ जाती है. इसके लिए जल निकासी दोमट और बलुई दोमट भूमि अच्छी मानी जाती है.
खीरे की खेती में इन बातों का जरूर रखें ख्याल
खीरे की बुवाई वक़्त हर एक गड्ढे में तीन से चार बीज लगाने चाहिए. जब बीज अंकुरित होकर बाहर आ जाएं तो तो छोड़कर बाकियों को उखाड़ देना चाहिए. इसके बाद खेतो में 60 किलो प्रति हेक्टयर के छिड़काव कर देना चाहिए. वहीं ध्यान रहे कि इससे पहला छिड़काव बुवाई के समय फिर पत्तियों के आने पर और आखिरी छिड़काव फूल आने पर किया जाता है. बरसात के मौसम में इसके पौधों को सिचांई की जरूरत नहीं पड़ती है. वहीं शुष्क मौसम में चार से पांच दिनों के अंदर में इसकी सिंचाई करते रहना चाहिए. साथ ही खेत में जल निकासी का ज्यादा प्रबंध करें.
Cucumber Farming: खीरे की खेती से हो सकता है बड़ा मुनाफा
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक एकड़ खेत में करीबन 400 क्विंटल तक खीरे का उत्पादन हो सकता है. खीरे की खेती प्रति सीजन 20 से 25 हज़ार की लागत में आराम से 80 हज़ार से एक एक रूपए तक का मुनाफा कर सकता हाउ.
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