Sunday, March 8, 2026

Delhi excise case: क्या है दिल्ली आबकारी मामला,जिसमें गिरफ्तार हो गये सीएम अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली : Delhi excise case दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को 2 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है . गुरुवार की रात उन्हें दिल्ली के प्रवर्तन निदेशायल(ED) के दफ्तर में रखा गया है, वहीं शुक्रवार को मेडिकल चेकअप के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जायेगा.

इस बीच आम आदमी पार्टी अपने सीएम की गिरफ्तारी को असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है और तत्काल सुनवाई के लिए याचिका लगाई है. आपको बता दें कि दिल्ली आबकारी नीति के मामले में दिल्ली सरकार के दो और मंत्री संजय सिंह और मनीष सिसोदिया पहले से ईडी की कस्टडी में हैं. आइयए आपको बताते है क्या है वो मामला जिसमें कट्टर ईमानदार पार्टी का नारा लगाने वाली पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से लेकर मंत्री तक को भ्रष्टाचार के आरोप में जांच एजेंसियों ने रडार पर लिया है और आखिरकार एक मौजूदा मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी कर ली है.

Delhi Excise Case: क्या है दिल्ली आबकारी मामला ?

दिल्ली सरकार ने  2021-2022 में राज्य में शराब आबकारी नीति बनाई, जिसमें प्रावधान किया गया कि दिल्ली में  शऱाब को आम जगहों पर भी बिक्री की अनुमति मिलेगी. इसके लिए पूरी दिल्ली को 32 आबकारी क्षेत्रों/ Excise Zones में बांटा गया और 849 ठेकों के लिए प्राइवेट पार्टीज को रिटेल में शराब बेचने का लाइसेंस दिया गया.

रिटेल में शराब बेचने के पीछे केजरीवाल सरकार का तर्क 

निजी ठेकेदारों को रिटेल में शराब बेचने का लाइसेंस देने के पीछे केजरीवाल सरकार का तर्क था कि ये ये लाइसेंस शराब की कालाबाजारी रोकने  और शराब माफियाओं को खत्म करने के लिए किया गया था. इसका उद्देश्य सीधे तौर पर सरकार के रेवेन्यू को बढ़ाना भी था. दिल्ली सरकार का तर्क था कि इस तरह से खुले में शराब की बिक्री होने पर शराब की कालाबाजारी पर रोक लगेगी और एमएसपी पर शराब बिक सकेगी . यहां तक कि सरकार ने रिटेल में शराब बेचने के लिए दुकानदारों को स्पेशल ऑफर्स तक देने की इजाजत दी. हालांकि इस आबकारी नीति के खिलाफ सरकार को लेकर विरोध प्रदर्शन के बाद राज्यपाल ने इसके क्रियान्यवन पर रोक लगा दी और सरकार  ने नई आबकारी नीति को समाप्त करने का फैसला लिया.

दिल्ली आबकारी नीति में केजरीवाल सरकार पर आरोप  

दिल्ली सरकार की आबकारी नीति 2021-22 के फॉर्म्युलेशन और नीति को लागू करने में नियमों के उल्लंघन को लेकर उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सीबीआई जांच कि सिफारिश की थी. ये कार्रवाई दिल्ली के चीफ सेकरेट्री नरेश कुमार की रिपोर्ट पर आधारित थी, जिसमें नियमों के अनुपालन में गड़बड़ी की बात कही गई थी.  इस रिपोर्ट में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को संदेह के घेरे मे बताया गया था. मनीष सिसोदिया उस समय दिल्ली मे शिक्षा मंत्री होने के साथ साथ आबकारी विभाग के भी मंत्री थे. मनीष सिसोदिया पर इस मामले मे कम से कम सौ करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप है. आरोप है कि इस 100 करोड़ की रिश्वतखोरी सीएम अरविंद केजरीवाल की जानकारी में हुई .

सीबीआई को छापेमारी और जांच में अब तक नहीं मिले है कोई सबूत 

अंग्रेजी अखबार द इडियन एक्सप्रेस के मुताबिक चीफ सेकरेट्री की रिपोर्ट में मनीष सिसोदिया को लेकर ये आरोप लगाया गया था कि उन्होंने कमीशन के बदले शराब के व्यापारियों को अनैतिक रुप से लाभ पहुंचाया और उन्हें शराब बेचने का लाइसेंस दिया.इस आरोप के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल की सिफारिश के बाद सीबीआई ने 17 अगस्त 2022 को  मामले में केस दर्ज किया और जांच शुरु की गई. सीबीआई ने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास से लेकर सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 31 स्थानों पर छापेमारी की लेकिन सीबीआई को कही कोई सबूत या दस्तावोज नहीं मिले.

बीआरएस नेता के कविता हुई गिरफ्तार 

सीबीआई में की गई fir में मनीष सियोदिया के साथ साथ दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल पर भी आरोप लगे कि  दिल्ली आबकारी नीति बनाने, इसे लागू करने में करीबी शऱाब व्यापारियों की मदद ली गई. इस मामले के तार दिल्ली से लेकर तेलंगना तक जुड़े होने की बात सामने आई. तेलंगना में बीआरएस की नेता के.कविता के भी इससे जुड़े होने की बात सामने आई और इडी ने के कविता को दो दिन पहले ही गिरफ्तार किया है. के कविता पर आरोप है कि दिल्ली आबकारी मामले के मनी ट्रेल मे उनकी संलिप्तता भी है, और इडी के समन के बावजूद वो पूछताछ में सहयोगी के लिए इडी दफ्तर नहीं पहुंची.

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 के कविता की गिरफ्तारी के बाद केजरीवाल पर लगे साजिशकर्ता होने के आरोप 

के कविता की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने पहली बार दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति मामले का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया और अब दो घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिये गये हैं. इस मामले में एक खास बात ये भी है कि दिल्ली आबकारी मामले में संलिप्तता को लेकर पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशायल ने दिल्ली सीएम को 9 बार समन भेजा लेकिन अरविंद केजरीवाल ईडी के सामने पेश नहीं हुए. दसवीं बार ईडी के अधिकारी समन लेकर ही गुरुवार को उनके घर पहुंच गये, दो घंटे तक रुके, पूछताछ की और उसके बाद उन्हें अपने साथ लेकर ही बाहर निकले , यानी अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया. इस बीच सीएम आवास से इडी की टीम ने 4-5 फोन और दो टैबलेट जब्त किये हैं. अब आज सुबह दिल्ली सीएम को PMLA कोर्ट मे पेश किया जायेगा.

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