Friday, June 26, 2026
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BSP supremo Mayawati कर रहीं हैं तीसरे मोर्चे की तैयारी,बिगाड़ सकती है गठबंधन का खेल

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BSP supremo Mayawati
BSP supremo Mayawati

उत्तर प्रदेश:भाजपा और इंडिया गठबंधन को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती BSP supremo Mayawati कोई खेला कर सकती हैं.यूपी की सियासत में चर्चा है की मायावती अकेले चुनाव मैदान में उतरने की बात कर रही है, लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर है कि बीएसपी सुप्रीमो अंदर ही अंदर एक स्क्रिप्ट तैयार कर रही है, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी के एआईएमआईएम की एंट्री हो सकती है.

BSP supremo Mayawati ने कहा अकेले लड़ेंगे चुनाव

मायावती ने 15 जनवरी को अपने जन्मदिन के मौके पर मीडिया के सामने आई.उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि वो किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं कर रही हैं और यही उनका आखिरी फैसला है. बीएसपी सुप्रीमो ने बिल्कुल साफ कहा है कि वह न तो कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनेगी और ना ही बीजेपी के एनडीए के साथ जाएंगी लेकिन सूत्रों ने बताया कि इन दोनों को यूपी में हराने के लिए बसपा ने एक और नया प्लान खोज निकाला है.सभी जानते है की बसपा सुप्रीमो मायावती अपने सियासी पत्ते तब तक नहीं खोलती हैं,जब तक चुनाव बेहद नजदीक नहीं आ जाता है.

तीसरे मोर्चे की तैयारी में मायावती ?

सूत्रों के हवाले से खबर है कि मायावती अब तीसरे मोर्चे के लिए प्लान बना रही है.मायावती ने यूपी में तीसरे मोर्चे की तैयारी के लिए असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम पार्टी के साथ संपर्क साधा हुआ है.यह दोनों ही मिलकर तीसरे मोर्चे पर काम कर रहे हैं.खबरों के मुताबिक अगर बीएसपी और एआईएमआईएम का गठबंधन होता है, तो यह तीसरा मोर्चा पश्चिमी और पूर्वी यूपी की कई सीटों पर इंडिया गठबंधन का खेला बिगाड़ सकता है.इसके पीछे का कारण यह है कि यूपी में करीब 11 ऐसी सीटें है,जहां के समीकरण के अनुसार दलित और मुस्लिम वोटर अगर एक साथ आ जाए तो निर्णायक भूमिका अदा कर सकते हैं.

मायावती और असदुद्दीन ओवैसी में क्या है कॉमन ?

मायावती और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पॉलिटिक्स में कॉमन यह है की दोनों ही ना एनडीए में है ना इंडिया गठबंधन में.दोनों ही अकेले लड़ते हैं.मायावती का फोकस दलित और ओवैसी का फोकस मुसलमान होते हैं.मायावती तीसरे मोर्चे के लिए एआईएमआईएम से संपर्क की कोशिश कर रही है.अगर ऐसा संभव होता है तो इंडिया गठबंधन के सामने एक नई चुनौती होगी.मायावती अगर पूरी ताकत के साथ 2024 लोकसभा चुनाव में उतरी तो यूपी में अखिलेश यादव,राहुल गांधी और जयंत चौधरी की तिगड़ी को करारा झटका लग सकता है.