Monday, January 26, 2026

Udayanidhi Stalin सनातन विरोधी बयान पर मुसीबत में, पटना के MP-MLA कोर्ट ने किया तलब

ब्यूरो रिपोर्ट, पटना : 2 दिसम्बर साल 2023 को तमिलनाडू के मंत्री और मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन Udayanidhi Stalin ने सनातन को लेकर बयान दिया था.उनके इस विवादित बयान का देश भर में बहुत विरोध हुआ था.अब अपने इसी दिए गए बयान को लेकर खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन की मुश्किलें बढ़नेवाली है.हिंदू विरोधी और दंगा भड़काने वाले उनके बयान को लेकर पटना MP-MLA कोर्ट ने समन जारी किया है.इसके साथ ही मामले में आगे 13 फरवरी को कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं.

Udayanidhi Stalin ने क्या दिया था बयान

खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान में कहा था कि सनातन का सिर्फ विरोध नहीं किया जाना चाहिए बल्कि इसे समाप्त ही कर देना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि कुछ चीजों का विरोध नहीं किया जा सकता, उन्हें खत्म ही कर देना चाहिए.जैसे हम डेंगू, मच्छर, मलेरिया या कोरोना का विरोध नहीं कर सकते,लेकिन हमें इसे मिटाना है.उसी तरह हमें सनातन को भी मिटाना है.उदयनिधि के इस बयान के बाद राजनीतिक दलों ने उनपर हमला बोलना शुरू कर दिया हैं. हिंदू सेना ने इस बयान पर उदयनिधि के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है.

बयान से देश में दंगा भड़कने की थी संभावना

इस मामले में उदयनिधि के खिलाफ याचिका दायर करनेवाले हाईकोर्ट के वकील डा. कौशलेंद्र नारायण ने बताया. उदयनिधि स्टालिन ने अपने राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक कार्यक्रम में सनातन को डेंगू, मलेरिया और कोरोना बताते हुए इसे नष्ट करने की बात कही थी.उनके इस बयान से देश में दंगा भड़कने की संभावना थी. इस मामले को लेकर पटना के सीजेएम कोर्ट में अपराधिक परिवाद दर्ज किया गया था.उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडू के विधायक व मंत्री हैं.इसी कारण उनका केस पटना के MP-MLA में ट्रासफर कर दिया गया था.याचिकाकर्ता ने कहा की अगर वह हाज़िर नही होते हैं तो फिर से पिटीशन दायर किया जाता है.

13 फरवरी को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश

उनके खिलाफ पांच धाराओं में केस दर्ज किया गया है.जिसमें 153-A, 295-A गैर जमानती है और तीन साल की सजा का प्रावधान है.इतना ही नही कोर्ट के प्रति वफादार नहीं रहने पर सजा को छह माह बढ़ाने का भी प्रावधान है.इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा का प्रावधान है.IPC की पांच धाराओं 153-A, 295-A, 298, 500, 504 के तहत संज्ञान लिया गया. जिसमें आज MP-MLA की न्यायाधीश सारिका बहालिया की कोर्ट में सुनवाई हुई.इस दौरान पेश किए गए सबूतों के आधार पर उन्होंने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ समन पत्र भी जारी किया है.जिसमें उन्हें आने वाली 13 फरवरी को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए गए है.डा. कौशलेंद्र ने बताया कि उदयनिधि ने देश के कानून को चुनौती दे रहे थे.आज उनके खिलाफ समन जारी हुआ है और सबूत पेश किए गए हैं. इसके बाद यह निश्चित है की पटना के कोर्ट से उदयनिधि के खिलाफ सजा भी होगी.

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