Saturday, February 14, 2026

Special Ritual: आज से 11 दिनों के लिए विशेष अनुष्ठान करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, ये है पूरा कार्यक्रम

अयोध्या:राम लला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑडियो संदेश जारी किया है. पीएम ने अपने संदेश में बताया कि वह 22 जनवरी को उस अद्भुत पल के साक्षी बनेंगे, जिस पर इस वक्त पूरी दुनिया की नजर है. प्रधानमंत्री ने बताया कि श्री राम प्राण प्रतिष्ठा से पहले 11 दिनों का विशेष अनुष्ठान Special Ritual कर रहे हैं जो एक तपस्वी की तरह होगा. उन्होंने कहा कि इस समय, अपनी भावनाओं को शब्दों में कुछ भी कह पाना बहुत मुश्किल है.

Special Ritual को पीएम ने बताया सौभाग्य

पीएम ने वीडियो की शुरुआत ‘राम-राम’ कहते हुए की, इसके बाद पीएम ने कहा जीवन के कुछ क्षण ईश्वरीय आशीर्वाद की वजह से ही यथार्थ में बदलते हैं. आज हम सभी भारतवासियों के लिए, दुनियाभर में फैले रामभक्तों के लिए ऐसा ही पवित्र अवसर है. हर तरफ प्रभु श्रीराम की भक्ति का अद्भुत वातावरण और चारों दिशाओं में राम नाम की धूम है. हर किसी को इंतजार है. 22 जनवरी का और अब अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में केवल 11 दिन ही बचे हैं. मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी इस पुण्य अवसर का साक्षी बनने का अवसर मिल रहा है.

जनता से आशीर्वाद देने को कहा

पीएम मोदी ने कहा आध्यात्मिक यात्रा के दौरान कुछ तपस्वी आत्माओं और महापुरुषों से मुझे जो मार्गदर्शन मिला है. उन्होंने जो यम-नियम सुझाए हैं, उसके मुताबिक मैं आज से 11 दिन का विशेष अनुष्ठान आरंभ कर रहा हूं. इस पवित्र अवसर पर मैं परमात्मा के श्रीचरणों में प्रार्थना करता हूं.ऋषियों, मुनियों, तपस्वियों का पुण्य स्मरण करता हूं और जनता-जनार्दन, जो ईश्वर का रूप है, उनसे प्रार्थना करता हूं कि आप मुझे आशीर्वाद दें.ताकि मन से, वचन से, कर्म से, मेरी तरफ से कोई कमी ना रहे. मेरा ये सौभाग्य है कि 11 दिन के अपने अनुष्ठान का आरंभ, मैं नासिक धाम-पंचवटी से कर रहा हूं. पंचवटी, वो पावन धरा है, जहां प्रभु श्रीराम ने काफी समय बिताया था.

पीएम ने अपनी मां को भी किया याद

पीएम ने आगे कहा की आज मेरे लिए एक सुखद संयोग ये भी है कि आज स्वामी विवेकानंदजी की जन्मजयंती है. ये स्वामी विवेकानंदजी ही थे जिन्होंने हजारों वर्षों से आक्रांतित भारत की आत्मा को झकझोरा था और सोने पर सुहागा देखिए, आज माता जीजाबाई जी की जन्म जयंती है.माता जीजाबाई, जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में एक महा मानव को जन्म दिया था.मैं माता जीजाबाई का पुण्य स्मरण कर रहा हूं तो सहज रूप से मुझे अपनी मां की याद आना बहुत स्वाभाविक है. मेरी मां जीवन के अंत तक माला जपते हुए सीता-राम का ही नाम भजा करती थीं.प्रधानमंत्री आगे कहते हैं की आज वही आत्मविश्वास, भव्य राम मंदिर के रूप में हमारी पहचान बनकर सबके सामने है. साथियों, शरीर के रूप में, तो मैं उस पवित्र पल का साक्षी बनूंगा ही, लेकिन मेरे मन में, मेरे हृदय के हर स्पंदन में, 140 करोड़ भारतीय मेरे साथ होंगे. आप मेरे साथ होंगे…हर रामभक्त मेरे साथ होगा.मैं अपने साथ राम मंदिर के लिए अपने जीवन को समर्पित करने वाले अनगिनत व्यक्तित्वों की प्रेरणा लेकर जाउंगा.

क्या है विशेष अनुष्ठान का महत्व

हमारे शास्त्रों में देव प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा एक विशद एवं वृहद प्रक्रिया है. इसके लिए बड़े नियम बताए गए हैं.इन नियमों का प्राण प्रतिष्ठा के कई दिन पहले से पालन करना होता है.एक रामभक्त के रूप में पीएम राममंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के प्रति एक आध्यात्मिक साधना के भाव से समर्पित हैं.मोदी ने तय किया कि वह अपनी तमाम व्यस्तताओं और जिम्मेदारियों के बावजूद वो प्राण प्रतिष्ठा के दिन और उस से पहले के सभी नियमों और तपश्चर्याओं को उसी दृढ़ता के साथ पालन करेंगे, जैसा कि हमारे शास्त्रों में निर्देश दिया गया है.जिसके लिए माननीय प्रधानमंत्री जी ने प्राण प्रतिष्ठा से पहले 11 दिन यम-नियम पालन का अनुष्ठान शुरू किया है.देव प्रतिष्ठा को पार्थिव मूर्ति में ईश्वर की चेतना के संचार का अनुष्ठान बताया गया है. इसके लिए शास्त्रों में अनुष्ठान से करने से पहले व्रत के नियमों का निर्देश दिया गया है.इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री जी ने सभी 11 दिवसीय अनुष्ठान के तौर पर कठोर तपश्चर्या के साथ व्रत लेने का निर्णय लिया है.प्रधानमंत्री जी ने सभी 11 दिवसीय अनुष्ठान के तौर पर कठोर तपश्चर्या के साथ व्रत लेने का निर्णय किया है.

 

 

Latest news

Related news