Saturday, February 28, 2026

Chhath Puja Bazar: सज गया सूप और दौरे का बाजार, पूजा में जरूरी है बांस से बने सूप और मिट्टी के बर्तन

नवादा :  छठ महापर्व नहाए-खाए से शुरू हो चुका है. आज छठ महापर्व का दूसरा दिन है आज के दिन खरना पूजा होता है.आज शाम व्रती केले के पत्ते पर गुड़ की खीर औऱ केले के प्रसाद के साथ भगवान सूर्यदेव से अपने अगले छत्तीस घंटे के उपवास और मन्नतों को पूरा करने के लिए प्रार्थना करेंगे. छठ पूजा के लिए बाजारों Chhath Puja Bazar में रौनक बढ़ गई है.

KHARNA PUJA
KHARNA PUJA

Chhath Puja Bazar में  छाई रौनक

खरना के बाद अगले दिन शाम के समय अस्ताचल गामीसूर्य को अर्ध्य दिया जायेगा. इस त्योहार में परंपरा है कि बांस (Bamboo) से बने सूप और दौरे (टोकरी) में फल फूल और प्रसाद सजा कर बहते हुए जल में सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है. यही कारण है कि छठ पूजा के लिए पूरे बिहार में  सूप और दौरे का बाजार सज गया है.

बाजारों में खरीददारी के लिए व्रती महिलाएं औऱ पुरुष उमड़ रहे हैं. बाजार में सबसे अधिक सूप, दौरे और मिट्टी से बने बर्तनों की खरीददारी की जा रही है.

प्रकृति को समर्पित है महापर्व छठ

बता दें कि छठ पूजा प्रकृति से जुड़ा त्योहार है.इस त्योहार के हर हिस्से में प्रकृति और प्रकृति से जुड़ी चीजें ही प्रयोग की जाती हैं. बांस का सूप, बांस की टोकरी, मिटी का चूल्हा, मिट्टी की हांडी, प्रसाद के लिए मिट्टी की कुल्हड़ और भगवान को भोग लगाने का लिए गुड़-आटे और देशी धी में बना ठेकुए का प्रसाद …

Chhath Puja Thekua Prasad
Chhath Puja Thekua Prasad

ये मौका छोटे कारिगरों और कुम्हारों के लिए बहुत बड़ा होता है. ये लोग साल भर इस दिन का इंतजार करते है ताकि हर घर से लोग इनके चाक पर बने मिट्टी के बर्तन और अन्य चीजों खरीद कर ले जा सके. पूरा बाजार बांस से बने खूबसूरत सूप,टोकरियों औऱ मिट्टी के बने बर्तनों से पटा है.

chhath puja bazar
chhath puja bazar

इस त्योहार में बिहार यूपी के लगभग सभी घरों से लोग निकल कर इन सामनों की खरीदारी के लिए आते हैं. बांस से बने सूप , टोकरी, और मिट्टी से बने बर्तनों का छठ पूजा में विशेष महत्व है. छठ पूजा में शुद्धता औऱ प्रकृति से ली गई चीजों के खास महत्व होता है. और मिट्टी से बने बर्तनों और बांस से बने सूप और टोकरियों को शुद्ध माना गया है. इसलिए इस त्योहार में भले ही किसी के पास सोने चांदी पीतल के बर्तन मौजूद हों लेकिन बांस की टोकरी और सूप जरुर शामिल किये जाते हैं.

Chhath Puja Mitti ka Chullaha
Chhath Puja Mitti ka Chullaha

सड़क किनारे झुग्गी-झोपडी में रहने वाले धारकारा समाज के लोग इन दिनों काम में व्यस्त हैं क्योंकि साल में एक बार छठ महापर्व पर इनका काम बढ़ जाता है इनके हाथों का बना सूप और डाला बाजारों की रौनक तो बढ़ाता ही है बल्कि व्रती महिलाओं की प्रार्थना का साधन बनता है.

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