राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले की साइबर पुलिस टीम को ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर टाटा पावर सोलर कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने का झांसा देकर 11 लाख 36 हजार रुपये से अधिक की चपत लगाने वाले दो शातिर साइबर ठगों को बिहार के बोधगया से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी वहां एक किराए का मकान लेकर पूरे देश में साइबर अपराध का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
इंस्टाग्राम विज्ञापन के जरिए जालसाजी का ताना-बाना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर टाटा पावर सोलर कंपनी में डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम से एक फर्जी विज्ञापन लिंक तैयार कर रखा था। जैसे ही कोई पीड़ित उस लिंक पर क्लिक करके अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी भरता था, उसकी सारी गोपनीय जानकारी तुरंत आरोपियों तक पहुंच जाती थी। इसके बाद आरोपी खुद को कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर पीड़ित को फोन करते थे और फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर जाल में फंसा लेते थे।
फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल और लाखों की चपत
आवेदकों का विश्वास हासिल करने के लिए आरोपी प्रतिष्ठित कंपनी के नाम से तैयार किए गए फर्जी लेटरहेड और दस्तावेज ईमेल के माध्यम से भेजते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क, सोलर सिस्टम मशीनों के अग्रिम भुगतान और जांच अधिकारियों के आने-जाने के खर्च जैसे विभिन्न बहानों से अलग-अलग किस्तों में पैसे जमा करवा लेते थे। इसी कड़ी में एक पीड़ित से जुलाई और अगस्त 2026 के दौरान किस्तों में कुल 11,36,123 रुपये ऐंठ लिए गए। घटना की शिकायत पर राजनांदगांव साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का गिरोह
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए आरोपी पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर से कमीशन के आधार पर फर्जी सिम कार्ड और दूसरों के नाम पर खुले बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) हासिल करते थे। पीड़ितों द्वारा जमा कराई गई रकम इन्हीं फर्जी खातों में ट्रांसफर करवाई जाती थी, जिसे बाद में एटीएम और डिजिटल पेमेंट माध्यमों से तुरंत निकाल लिया जाता था। इस अवैध राशि को दोनों आरोपी आपस में और अपने अन्य मददगार सहयोगियों के बीच तय कमीशन के अनुसार बांट लेते थे।

