ग्वालियर। आधुनिक समय में मोबाइल फोन और इंटरनेट जहां अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं, वहीं इनका अत्यधिक उपयोग उतना ही घातक भी साबित हो रहा है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में स्मार्टफोन तथा रील्स की लत चिंताजनक रूप से बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां पिता द्वारा फोन चलाने से मना करने पर तीन नाबालिग सगी बहनें नाराज होकर चुपचाप घर छोड़कर दिल्ली भाग गईं। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से तीनों बहनों को दिल्ली में सुरक्षित खोज निकाला गया है।
पिता की डांट से नाराज होकर उठाया खौफनाक कदम
यह पूरा मामला ग्वालियर जिले के मुरार थाना क्षेत्र का है। 27 अक्टूबर को 14, 16 और 18 वर्ष की तीन सगी बहनें घर पर लगातार मोबाइल फोन का उपयोग कर रही थीं। इसी दौरान पिता ने एक बेटी को फोन चलाने से मना करते हुए थोड़ा डांट दिया। पिता की यह डांट तीनों बच्चियों को इतनी बुरी लगी कि उन्होंने बिना किसी को कुछ बताए चुपचाप घर छोड़ने का खतरनाक कदम उठा लिया। काफी देर तक जब तीनों बहनें वापस नहीं लौटीं, तो चिंतित परिजनों ने तुरंत मुरार थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और पूरी स्थिति से पुलिस को अवगत कराया।
साइबर सेल, सीसीटीवी फुटेज और दिल्ली पुलिस की मदद से मिली सफलता
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तुरंत विशेष टीमों का गठन किया और साइबर सेल को अलर्ट मोड पर रखा। जांच टीम ने शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे सुराग मिला कि तीनों लड़कियां ग्वालियर से ट्रेन पकड़कर दिल्ली के लिए रवाना हुई हैं। इसके पश्चात ग्वालियर पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क स्थापित कर तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करना प्रारंभ किया।
चाइल्ड केयर सेंटर से सुरक्षित बरामदगी और ग्वालियर वापसी
तकनीकी इनपुट और दिल्ली पुलिस के सहयोग से पुलिस टीम को जानकारी मिली कि तीनों बहनें दिल्ली के एक चाइल्ड केयर सेंटर में सुरक्षित हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चियों को वापस सुरक्षित ग्वालियर लाने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम को दिल्ली रवाना कर दिया गया है। पुलिस ने परिजनों से भी बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने और मोबाइल उपयोग को लेकर समझाइश देने की अपील की है।

