नई दिल्ली। एलपीजी वितरकों की विभिन्न मांगों और आर्थिक समस्याओं के समाधान को लेकर एक तरफ जहां संवाद का दौर तेज हो गया है, वहीं दूसरी तरफ प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर फेडरेशन ऑफ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ इंडिया ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है। संगठन ने साफ किया है कि वह किसी भी प्रकार की हड़ताल के पक्ष में नहीं है और वितਰकों के हितों की रक्षा के लिए बातचीत और ठोस प्रशासनिक फैसलों को ही एकमात्र उचित माध्यम मानता है। इस बीच, देश की तीनों प्रमुख सार्वजनिक तेल कंपनियों ने वितरकों के कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी के लिए संयुक्त रूप से सिफारिश करने पर अपनी सहमति जता दी है, हालांकि इस पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है।
कमीशन बढ़ाने के प्रस्ताव पर तेल कंपनियों की मुहर
ऑल इंडिया एचपी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अनुसार, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शीर्ष अधिकारियों ने मिलकर एलपीजी वितरकों के कमीशन में अंतरिम वृद्धि के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को संयुक्त संस्तुति भेजने का निर्णय लिया है। मुंबई स्थित इंडियन ऑयल के प्रधान कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान यह आश्वासन दिया गया, जिसमें दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए थे। हालांकि, यह संशोधित कमीशन तभी प्रभावी हो सकेगा जब संबंधित मंत्रालय से इसकी आधिकारिक मंजूरी मिल जाएगी।
बढ़ते परिचालन खर्च और व्यावसायिक दबाव से जूझते वितरक
बैठक के दौरान वितरकों ने अपनी वित्तीय कठिनाइयों को बेबाकी से रखते हुए बताया कि लगातार बढ़ते परिचालन खर्च और कई क्षेत्रों में सिलिंडर रिफिल की घटती बिक्री के कारण उनका व्यवसाय संकट में है। इसके अलावा, नए कनेक्शन जारी करने पर लगी पाबंदियों और बिना बिके कमर्शियल स्टॉक के बोझ से उनकी कार्यशील पूंजी पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। वितरकों ने गैर-ईंधन उत्पादों को जबरन थोपे जाने और बिना अनुमति के मांग आदेशों में बदलाव किए जाने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की, जिस पर तेल कंपनियों के प्रबंधन ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
हड़ताल से दूरी और सुचारू आपूर्ति पर जोर
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सकारात्मक हस्तक्षेप और सकारात्मक बैठकों के बाद समस्याओं के समाधान की उम्मीद ब बंधी है। इसे देखते हुए संगठन ने सभी वितरकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अपुष्ट विरोध प्रदर्शनों या हड़ताल के आह्वान से दूर रहें और उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडरों की आपूर्ति निरंतर जारी रखें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

