करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा. इस दिन सुहागन महिलाएं और युवतियां अपने पति या पार्टनर के लिए करवा चौथ का निर्जला व्रत रखती हैं. इस व्रत में पूजा शाम के समय में करते हैं, जिसमें माता गौरी, भगवान गणेश और भगवान शिव की पूजा होती है. रात के समय में चंद्रमा की पूजा करके अर्घ्य देते हैं. उसके बाद ही पाण किया जाता है. इस पूजा में करवा का उपयोग होता है, जो मिट्टी से बना होता है. लेकिन कुछ महिलाएं स्टील के करवा का उपयोग करती हैं. स्टील, लोहे या प्लास्टिक के करवा का इस्तेमाल नहीं करते हैं. इससे परिवार में कलह और उथल-पुथल हो सकती है. इसके पीछे ज्योतिषीय कारण है.
करवा चौथ पूजा में करवा का उपयोग क्यों करते हैं?
करवा चौथ की पूजा करवा के बिना अधूरी है. पूजा में उस करवा का उपयोग होता है क्योंकि करवा को करवा माता का प्रतीक माना जाता है. व्रती महिलाएं मिट्टी के करवा में जल भरती हैं और उस करवा से ही चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं. अर्घ्य देने के बाद ही व्रत की पूजा पूरी होती है. उसके बाद जल ग्रहण करके पारण किया जाता है.
कुछ क्षेत्रों में महिलां पूजा के लिए दो करवा का उपयोग करती हैं. एक करवा वो अपने लिए रखती हैं और दूसरा करवा ‘करवा फेरने’ की परंपरा के लिए इस्तेमाल करती हैं. यह करवा मां पार्वती का प्रतीक होता है.
जब पूजा हो जाती है तो महिलाएं एक दूसरे से करवा बदलती हैं और अपनी सासु मां या घर की बड़ी महिलाओं को करवा भेंट करके अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं.
मिट्टी का करवा क्यों लेते हैं?
करवा चौथ में पूजा में मिट्टी के करवा में जल भरते है, ये जल और मिट्टी दोनों ही पंचतत्वों में शामिल हैं, जिससे हमारा निर्माण हुआ है. मिट्टी धरती माता से जुड़ी है और जल के बिना जीवन संभव नहीं है. ये दोनों जीवन का आधार हैं. वहीं मिट्टी से कोई ग्रह दोष नहीं है.
स्टील, लोहा या प्लास्टिक का करवा वर्जित क्यों?
ज्योतिष शास्त्र में हर वस्तु या धातु का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है. अब स्टील और लोहे का संबंध शनिदेव से है, वहीं प्लास्टिक का संबंध भी शनि, राहु और केतु ग्रह से है. यदि आप पूजा में स्टील, लोहा या प्लास्टिक का करवा उपयोग में लाती हैं तो इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव आपके जीवन में पड़ सकते हैं.
इससे आपके दांपत्य जीवन में कलह या उथल-पुथल मच सकती है. जो व्रत आप पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए रख रही हैं, उसमें गलत करवा अशुभ हो सकता है. आप पूजा में मिट्टी का करवा उपयोग करें, यह सबके लिए शुभ और सुलभ है.

