मोहाली। खरड़ के छज्जू माजरा क्षेत्र स्थित मॉडल टाउन में दिल को दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पांच बेटियों के पिता और एक सरकारी ठेकेदार ने अपने ही लाइसेंसी हथियार से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस सनसनीखेज हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसर गया है।
परिवार में हो चुकी थीं दो बड़ी मौतें
मृतक की पहचान 57 वर्षीय शरणजीत सिंह के रूप में हुई है, जो पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रहे थे। परिजनों के अनुसार, कुछ साल पहले उनके बेटे अमनजीत सिंह का निधन हो गया था और इसके बाद साल 2025 में उनकी पत्नी डॉ. सुखदीप कौर की भी मौत हो गई थी। इन दोनों दुखों ने शरणजीत सिंह को अंदर से तोड़ दिया था और वह लगातार सदमे में रहने लगे थे। पत्नी और बेटे को खोने के बाद उन्होंने अपने सरकारी ठेकेदारी का काम भी पूरी तरह से छोड़ दिया था।
दुखद दिन और घर में हुआ खौफनाक हादसा
घटना के समय शरणजीत सिंह अपने परिवार के साथ घर पर ही थे और उनके साथ उनके 73 वर्षीय वृद्ध पिता छिंदर सिंह (जो कि सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार हैं) तथा उनकी पांचों बेटियां रह रही थीं, जिनमें सबसे छोटी बेटी की उम्र महज तीन साल है। हादसे वाले दिन छिंदर सिंह अपनी एक पोती के साथ सीपी मॉल गए हुए थे। दोपहर करीब एक बजे उनकी दूसरी पोती सुखमनी का उनके पास घबराते हुए फोन आया कि उसके पिता को गोली लग गई है। यह खबर सुनते ही दादा तुरंत भागते हुए अपने घर पहुंचे।
फर्श पर मिला शव और पुलिस कार्रवाई
घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि शरणजीत सिंह का लहूलुहान शव बेडरूम में बेड के पास फर्श पर पड़ा हुआ था और उनके सिर में गोली लगी थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आनन-फानन में घायल शरणजीत को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के पिता के बयानों के आधार पर सीआरपीसी की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके बाद सिविल अस्पताल में मेडिकल बोर्ड की देखरेख में शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।

