विजयादशमी पर रायपुर में दिखेगा भव्य नजारा, कहीं 101 तो कहीं 65 फीट का दशानन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विजयादशमी के पावन पर्व पर बुराई के प्रतीक रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के विशालकाय पुतलों के दहन को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष शहर का मुख्य आकर्षण रेलवे मैदान डब्ल्यूआरएस कॉलोनी रहेगा, जहां एक सौ एक फीट ऊंचे भव्य रावण के साथ पैंसठ फीट ऊंचे मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले जलाए जाएंगे। पुतला दहन के उपरांत यहां आकाश को रोशन करती हुई मनमोहक और रंग-बिरंगी आतिशबाजी का प्रदर्शन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनने के लिए रायपुर के अलावा दूर-दराज के जिलों से भी भारी संख्या में नागरिकों के पहुंचने की संभावना है, जिसे देखते हुए मैदान में दो लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटने का अनुमान लगाया गया है।

चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति

विशाल जनसमूह की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा के अत्यंत कड़े और व्यापक प्रबंध किए गए हैं, जिसके तहत हर कोने पर पुलिस बल की पैनी नजर रहेगी। इस गरिमामय आयोजन में प्रदेश के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसके अतिरिक्त, राज्य के कई मंत्री, विधायक, सांसद, महापौर और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां भी इस समारोह की शोभा बढ़ाएंगी। आयोजकों का मानना है कि इस बार इस महा-आयोजन को देखने के लिए लगभग पांच लाख श्रद्धालु राजधानी के विभिन्न मैदानों में एकत्रित हो सकते हैं।

बाहरी राज्यों के कलाकारों द्वारा आतिशबाजी और रामलीला का मंचन

डब्लूआरएस कॉलोनी मैदान में होने वाले पुतला दहन के दौरान ओडिशा और मुंबई से विशेष रूप से बुलाई गई कलाकारों की टीमें अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए हैरान कर देने वाली आतिशबाजी दिखाएंगी। इस बार आयोजन स्थल पर मैनुअल और डिजिटल दोनों ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से अद्भुत आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलेगा, जिसका इंतजार लोग पिछले एक महीने से कर रहे थे। इसके साथ ही पारंपरिक रामलीला का जीवंत मंचन भी किया जाएगा। वहीं, राजधानी रायपुर का दूसरा सबसे बड़ा और आकर्षक दशहरा उत्सव ऐतिहासिक भाठागांव मैदान में आयोजित होगा, जहां पैंसठ फीट के रावण और पचपन फीट के मेघनाथ तथा कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। भाठागांव में जबलपुर से आई प्रसिद्ध कलाकारों की टीम अपनी शानदार आतिशबाजी से दर्शकों का मन मोह लेगी और यहां भी रामलीला का सुंदर मंचन संपन्न होगा।

सुरक्षा, चिकित्सा और अन्य प्रबंध

कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीराम का जीवंत स्वरूप धारण करने वाले कलाकार अपने हाथों से अग्निबाण चलाकर रावण के पुतले का विधिवत दहन करेंगे। मैदानों में उमड़ने वाली अपार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा के साथ-साथ सुगम यातायात नियंत्रण, वाहन पार्किंग, शुद्ध पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं जैसी सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं।

शहर के प्रमुख मैदानों में सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव

राजधानी के बूढ़ापारा स्थित सप्रे स्कूल मैदान में पचास फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। इस उत्सव की शुरुआत शाम चार बजे से भजन जैमिंग के साथ होगी, जिसमें स्थानीय और बाहर से आए प्रसिद्ध गायक भगवान श्रीराम और माता दुर्गा के भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां देंगे। संध्या छह बजे श्रीराम और लक्ष्मण की भव्य झांकी के दर्शन के बाद पचास फीट ऊंचे रावण के पुतले को अग्नि दी जाएगी, जिसके तुरंत बाद शाम साढ़े छह बजे मनमोहक आतिशबाजी होगी। बूढ़ापारा दशहरा उत्सव समिति पिछले पंद्रह वर्षों से लगातार इस परंपरा को निभाती आ रही है और समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, भव्य मंच तथा पर्याप्त रोशनी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा, बोरियाखुर्द के खेल मैदान में आयोजित होने वाले दशहरा सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान पैंतालीस फीट ऊंचे रावण और तीस-तीस फीट ऊंचे कुंभकर्ण तथा मेघनाथ के पुतलों का दहन किया जाएगा।

बोरियाखुर्द मैदान में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या

बोरियाखुर्द मैदान में मुख्य उत्सव से पहले दिन के समय एक विशेष पतंग उत्सव का आयोजन किया गया है। इसके पश्चात दोपहर चार बजे से विभिन्न सांस्कृतिक नृत्य और योगासन के आकर्षक प्रदर्शन होंगे। शाम पांच बजे भगवान श्रीराम और माता सीता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। शाम साढ़े पांच बजे रामलीला का मंचन होगा, जिसके बाद पुतलों का दहन और आतिशबाजी का सिलसिला शुरू होगा। रात्रि आठ बजे मध्य प्रदेश के उज्जैन से पधारे प्रसिद्ध भजन गायक सन्नी अलबेला और उनकी पूरी मंडली द्वारा मंच पर भक्ति भजनों की बेहद मनमोहक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

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