कोलकाता। कोलकाता के प्रसिद्ध चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव पंडाल में हुई भीषण भगदड़ और 19 श्रद्धालुओं की दुखद मौत के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस बड़े हादसे के तुरंत बाद गिरीश पार्क थाने के प्रभारी अधिकारी (ओसी) सुमित कुमार घोष को उनके पद से हटा दिया गया है। कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जासूसी विभाग में पदस्थ वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हीरक दलपति को तत्काल प्रभाव से गिरीश पार्क थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह प्रशासनिक फेरबदल जांच प्रक्रिया पूरी होने और अगले आदेश जारी होने तक प्रभावी रहेगा।
सात आरोपी गिरफ्तार और 28 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर
चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची अफरा-तफरी और दर्दनाक हादसे की उच्चस्तरीय जांच तेज कर दी गई है। मामले की सुनवाई करते हुए बैंकशाल कोर्ट ने गिरफ्तार किए गए सात प्रमुख आरोपियों को 28 अक्टूबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पूजा आयोजन समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा, उपाध्यक्ष शांतनु दुबे, मंडप का बांस ढांचा तैयार करने वाले ठेकेदार बिप्लब मुखर्जी तथा भीड़ नियंत्रण व सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाल रहे निजी सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल केवल दर्शनार्थी थे जो मानवीय आधार पर सहायता कर रहे थे, लेकिन अदालत ने जांच की गंभीरता को देखते हुए रिमांड मंजूर की।
सुरक्षा तंत्र की समीक्षा और नौ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों की वापसी
हादसे के बाद राज्य प्रशासनिक तंत्र हरकत में आ गया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं केंद्रीय निगरानी कक्षों का दौरा कर महानगर के विभिन्न पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों का जायजा लिया। पूजा उत्सव के दौरान किसी भी अन्य अप्रिय घटना को रोकने और व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से राज्य पुलिस प्रशासन ने नौ अत्यंत अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कोलकाता पुलिस में वापस तैनात कर दिया है। यह विशेष टीम शहर के प्रमुख पंडालों और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन की कमान संभालेगी।

