Rahul Gandhi’s Goa visit पणजी/मडगांव: गोवा में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है. राज्य में पार्टी की ओर से शुरू की गई ‘गोय राखों यात्रा’ (Goy Rakhonn Yatra) का समापन आज रविवार,18 अक्टूबर को हो रहा है . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इस अभियान में शामिल हुए है. राहुल गांधी दक्षिण गोवा के कलकोंडा से मडगांव तक होने वाले कार्यक्रमों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ जुड़ेंगे.
LIVE: Goy Rakhonn Yatra | Calconda to Margao, Goa https://t.co/zqu1ZewmjM
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 18, 2026
कांग्रेस ने इस यात्रा को गोवा की जमीन, सांस्कृतिक पहचान, पर्यावरण, स्थानीय लोगों के अधिकारों और भविष्य को बचाने का अभियान बताया है. पार्टी का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार के कार्यकाल में जमीन के इस्तेमाल, भ्रष्टाचार, रोजगार और शासन से जुड़े सवालों पर जनता की चिंताएं बढ़ी हैं.
22 सितंबर 2026 को शुरू हुई गोय राखों यात्रा में राज्य की सभी 40 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा. करीब 27 दिनों तक चले इस जनसंपर्क अभियान के जरिए कांग्रेस ने स्थानीय लोगों, युवाओं, किसानों, सामाजिक संगठनों और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करने की कोशिश की. अब राहुल गांधी की भागीदारी से पार्टी इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक महत्व देने की तैयारी में है.
यात्रा का समापन दक्षिण गोवा के मडगांव स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम (एमसीसी ग्राउंड) में होने वाली जनसभा के साथ हो रहा है .कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी के कलकोंडा स्थित दैवज्ञ भवन पहुंचने और वहां से यात्रा में शामिल होने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है.
LoP Shri @RahulGandhi joined the Goy Rakhonn Yatra, standing with the people of Goa in their fight to protect their land, identity and future.
Goa belongs to its people, and their voice will not be silenced. https://t.co/knzHy6hXn9
— Congress (@INCIndia) October 18, 2026
क्या है ‘गोय राखों यात्रा’,कांग्रेस क्यों चला रही है यह अभियान?
‘गोय राखों’ का अर्थ है गोवा को बचाना. कांग्रेस ने इस अभियान को राज्य की जमीन, प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय संस्कृति और सामाजिक पहचान की रक्षा से जोड़ा है. पार्टी का कहना है कि गोवा का विकास स्थानीय लोगों के हितों और पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए.
अभियान के दौरान कांग्रेस ने पांच प्रमुख मुद्दों पर जोर दिया है:
जमीन और निर्माण का सवाल: कृषि भूमि और हरित क्षेत्रों के आवासीय तथा व्यावसायिक परियोजनाओं में बदलने को लेकर चिंता.
रोजगार: स्थानीय युवाओं के लिए पर्याप्त नौकरियां और रोजगार के बेहतर अवसर.
भ्रष्टाचार: सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग.
सुरक्षा: अपराध और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं.
गोवा की पहचान: राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सद्भाव और पारंपरिक जीवनशैली की रक्षा.
कांग्रेस ने खास तौर पर भूमि उपयोग से जुड़े कानून की धारा 39A को लेकर सवाल उठाए हैं. पार्टी ने घोषणा की है कि यदि वह गोवा में सरकार बनाती है, तो सत्ता में आने के पहले दिन इस प्रावधान को खत्म करने की दिशा में कदम उठाएगी. यह पार्टी का चुनावी वादा है; इसे मौजूदा कानून में बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
कलकोंडा से मडगांव तक राहुल गांधी का कार्यक्रम
18 अक्टूबर को राहुल गांधी की भागीदारी इस यात्रा के अंतिम चरण का प्रमुख राजनीतिक आकर्षण है. कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा कलकोंडा स्थित दैवज्ञ भवन पहुंचेगी और वहां से मडगांव के डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्टेडियम तक जनसंपर्क और समापन कार्यक्रम आगे बढ़ेगा.
दक्षिण गोवा जिला प्रशासन ने मडगांव के एमसीसी ग्राउंड में राहुल गांधी की जनसभा के लिए अनुमति दी है. कांग्रेस की योजना इस आयोजन के जरिए कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने अभियान को मजबूती देने की है.
राहुल गांधी की भागीदारी ऐसे समय हो रही है, जब कांग्रेस गोवा में अपनी संगठनात्मक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. पार्टी के सामने चुनौती केवल राज्य सरकार के खिलाफ मुद्दे उठाने की नहीं, बल्कि उन्हें स्थानीय स्तर पर जनसमर्थन में बदलने की भी है.
राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला: ‘गोवा बिकाऊ नहीं है’
यात्रा में शामिल होने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर बीजेपी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने गोवा में जमीन, पैसे, रोजगार और विधायकों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए राज्य में कथित भ्रष्टाचार और राजनीतिक अनैतिकता के आरोप लगाए।
राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा कि गोवा की जमीन, पहचान और भविष्य की रक्षा के लिए लोगों को एकजुट होना चाहिए. उनका राजनीतिक संदेश था कि गोवा किसी के बेचने या निजी हितों के लिए इस्तेमाल करने की वस्तु नहीं है, बल्कि राज्य के लोगों का है। उन्होंने बीजेपी के शासन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. ये आरोप कांग्रेस की राजनीतिक आलोचना का हिस्सा हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए.
कांग्रेस की रणनीति स्पष्ट है—भूमि परिवर्तन, स्थानीय रोजगार और गोवा की पहचान को केंद्र में रखकर बीजेपी सरकार को घेरना। पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि राज्य के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार स्थानीय लोगों के हितों का होना चाहिए.

