अभिजीत दिपके कोर्ट में पेश, तिरंगा प्रदर्शन के दौरान रायसीना हिल्स पर लेफ्ट कार्यकर्ता हिरासत में

Abhijit Dipke produced in court : दिल्ली में तिरंगा फहराने और विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस और  प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव जारी है. शुक्रवार को प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने के बाद उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई. शनिवार को उन्हें स्पेशल एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष पेश किया गया.

इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को हिरासत से रिहा कर दिया गया. दूसरी ओर, रायसीना हिल्स पर प्रदर्शन कर रहे वामपंथी कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है. इन घटनाओं ने राजधानी में विरोध प्रदर्शन की अनुमति, सार्वजनिक स्थलों के इस्तेमाल और शांतिपूर्ण तरीके से असहमति जताने के अधिकार को लेकर बहस तेज कर दी है.

अभिजीत दिपके पर पुलिस ने कोर्ट में क्या कहा?

दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई की है. शनिवार को उन्हें स्पेशल एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. पुलिस का कहना है कि दिपके को पहले दो नोटिस दिए गए थे और उन्हें कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क जाने से मना किया गया था. पुलिस के मुताबिक, इसके बावजूद वह वहां जाने पर अड़े रहे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया.

पुलिस इस मामले में पीस बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन का मुद्दा मजिस्ट्रेट के सामने उठाने की बात कह रही है. हालांकि, बॉन्ड की शर्तों के कथित उल्लंघन और उससे जुड़ी कानूनी कार्रवाई पर अंतिम स्थिति संबंधित आदेश और अदालती कार्यवाही से ही स्पष्ट होगी.

BNSS की धारा 126 शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा संबंधी कार्यवाही से जुड़ी है, जबकि धारा 170 कुछ परिस्थितियों में संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए पुलिस की निवारक गिरफ्तारी की शक्ति से संबंधित है. इन धाराओं के तहत कार्रवाई अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने के बराबर नहीं है.

नेहा बोरा को रिहाई, AISA ने हिरासत पर उठाए सवाल

लहरा दो तिरंगा प्रोटेस्ट से पहले हिरासत में ली गई छात्र  नेता ( AISA) नेहा बोरा को शनिवार की सुबह रिहा कर दिया गया. दिल्ली पुलिस के अनुसार, दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत से संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ा गया.

AISA का आरोप है कि नेहा बोरा को शुक्रवार को हिरासत में लेने के बाद कई घंटों तक अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया. संगठन ने उनकी हिरासत को लेकर सवाल उठाए और पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की. इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष और संबंधित रिकॉर्ड मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे.

रायसीना हिल्स से हिरासत में लिये गये लेफ्ट कार्यकर्ता 

दिल्ली में शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के दौरान कनॉट प्लेस, मंडी हाउस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिनभर की कार्रवाई में 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था.

वामपंथी छात्र संगठनों और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है. विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई किए जाने की बात कही है.

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